धनबाद: रामनवमी के जुलूस पर पथराव मामले में बड़ा एक्शन, 20 आरोपियों का निकला पैदल जुलूस, भेजा गया जेल

Dhanbad: Major action taken in the stone-pelting case on Ram Navami procession; 20 accused marched on foot and were sent to jail.

धनबाद के बलियापुर क्षेत्र में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए करीब 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इलाके में लगातार गश्त जारी है और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
________________________________________
धनबाद। धनबाद जिले के बलियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भिखराजपुर में रामनवमी जुलूस के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने तीखे तेवर दिखाये हैं। घटना के बाद से ही आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक करीब 18 से 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि 40 से 50 लोगों को नामजद किया गया है।

शेष आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।इस पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को भिखराजपुर और बलियापुर बाजार इलाके में कड़ी सुरक्षा के बीच पैदल घुमाया। प्रशासन की इस कार्रवाई का मकसद आम लोगों के बीच यह स्पष्ट करना था कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

मामले को लेकर ऋत्विक श्रीवास्तव, सिटी एसपी ने बताया कि घटना के बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर आरोपी की पहचान कर उसे कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए हैं।

भिखराजपुर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार पुलिस गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।सिटी एसपी ने आम नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से कहा है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

प्रशासन की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है। रामनवमी जैसे धार्मिक अवसर पर हुई इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे संवेदनशील समय में छोटी-सी चूक भी बड़ा रूप ले सकती है।

Related Articles