बड़ी खबर- स्कूलों में 15 हजार पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ, पुस्तकालयाध्यक्ष, लिपिक और परिचारी बहाली को मिली मंजूरी, जानिये कैसे होगी बहाली
Big news- The way is cleared for appointment on 15 thousand posts in schools, approval has been given for recruitment of librarian, clerk and attendant, know how the recruitment will be done

School Vacancy। सरकारी स्कूलों में लंबे समय से रिक्त पड़े पुस्तकालयाध्यक्ष, लिपिक और परिचारी के करीब 15 हजार पदों पर नियुक्ति का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। नियुक्ति के लिए तीन अलग-अलग नियमावलियों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, जिससे वर्षों से अटकी यह बहाली प्रक्रिया अब तेजी पकड़ने वाली है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बार का निर्णय लिया गया है।
14 साल बाद बहाल होंगे पुस्तकालयाध्यक्ष
जानकारी के मुताबिक हाई स्कूलों में करीब 6500 पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली की जाएगी। इससे पहले वर्ष 2011-12 में इन पदों पर अंतिम बार नियुक्ति की गई थी। मंत्रिमंडल ने “बिहार विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2025” को मंजूरी दी है।
• चयन बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से किया जाएगा।
• न्यूनतम अर्हता: 45% अंकों के साथ स्नातक डिग्री (आरक्षित वर्गों को 5% की छूट)।
• यह संवर्ग जिला स्तर का होगा और सामान्यतः स्थानांतरण जिले के भीतर ही होगा।
• विशेष परिस्थिति में स्थानांतरण अन्य जिले में भी किया जा सकता है।
• सेवा काल में मृत्यु होने पर आश्रित को लिपिक या परिचारी के पद पर अनुकंपा से नियुक्त किया जाएगा।
6421 लिपिक और 2000 परिचारी की होगी नियुक्ति
जानकारी के मुताबिक स्कूलों में 6421 लिपिक और 2000 परिचारी के पदों को भरने के लिए भी “बिहार राज्य विद्यालय लिपिक” और “बिहार राज्य विद्यालय परिचारी” नियमावलियों को स्वीकृति दे दी गई है।
• इन पदों पर नियुक्ति दो भागों में होगी:
o 50% पद अनुकंपा के आधार पर
o 50% पद कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के माध्यम से लिखित परीक्षा द्वारा
• अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा की जाएगी।
• लाभार्थी: सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के सेवाकाल में निधन होने पर उनके आश्रित।
इन बहालियों के अंतर्गत राज्य के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, तथा उत्क्रमित और नवस्थापित विद्यालयों में कार्यरत कर्मियों के आश्रितों को भी समायोजित किया जाएगा।
वर्षों से लंबित इन नियुक्तियों को लेकर सरकार गंभीर थी और अब इससे राज्य के शिक्षा व्यवस्था को मज़बूती मिलेगी, साथ ही हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर प्राप्त होगा।यह फैसला बिहार के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत करने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार के अवसरों में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।









