CBSE 12th Re-evaluation Result: री-इवैल्यूएशन ने बदली रांची की अवनी की किस्मत, मिले 500 में से पूरे 500 नंबर
CBSE Class 12 Re-evaluation Result: Re-evaluation changes the fortunes of Ranchi's Avni; she secures a perfect 500 out of 500 marks.

रांची: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का 12वीं का री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) रिजल्ट झारखंड के रांची की रहने वाली अवनी केजरीवाल के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। परीक्षा के मुख्य नतीजों से असंतुष्ट होकर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने वाली अवनी ने अब इतिहास रच दिया है। नए नतीजों में अवनी ने 500 में से पूरे 500 अंक (100% स्कोर) हासिल कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद अवनी झारखंड राज्य के शीर्ष छात्रों की सूची में शामिल हो गई हैं।
पसंदीदा विषय में कम नंबर मिलने से थीं हैरान
जब सीबीएसई 12वीं का पहला रिजल्ट घोषित हुआ, तब अवनी का स्कोर उनकी उम्मीदों से कम था। उन्हें खासकर अपने पसंदीदा और सबसे मजबूत विषय अंग्रेजी में 19 अंक कम मिले थे, जिसे देखकर वह हैरान रह गईं। इसके साथ ही बिजनेस स्टडीज में भी उन्हें कम अंक दिए जाने का अहसास हुआ। अपने प्रदर्शन पर पूरा भरोसा होने के कारण अवनी ने हार नहीं मानी और उत्तर पुस्तिका के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने का फैसला किया।
री-इवैल्यूएशन में बढ़े 24 नंबर, छुआ परफेक्ट स्कोर
अवनी को उम्मीद थी कि री-इवैल्यूएशन के बाद उनके नंबरों में कुछ सुधार जरूर होगा, लेकिन वह पूरे 500 अंक हासिल कर लेंगी, इसकी कल्पना उन्होंने भी नहीं की थी। पुनर्मूल्यांकन के बाद:
- अंग्रेजी कोर में उनके 19 अंक बढ़े।
- बिजनेस स्टडीज में उनके 5 अंक बढ़े।
इस तरह उनके कुल स्कोर में 24 अंकों का बड़ा इजाफा हुआ और उनका कुल प्राप्तांक 476 से बढ़कर सीधे 500 आउट ऑफ 500 (500/500) पर पहुंच गया।
5 मुख्य विषयों में 100-100 अंक
अवनी ने कॉमर्स स्ट्रीम के अपने सभी पाँचों मुख्य विषयों में परफेक्ट 100 अंक हासिल किए हैं:
- इंग्लिश कोर (English Core) – 100
- अकाउंटेंसी (Accountancy) – 100
- बिजनेस स्टडीज (Business Studies) – 100
- इकोनॉमिक्स (Economics) – 100
- एप्लाइड मैथेमेटिक्स (Applied Mathematics) – 100
इसके अलावा, उनके छठे (अतिरिक्त) विषय ‘ग्राफिक्स’ में भी उन्होंने 99 अंकों का शानदार स्कोर बनाया है।
डीपीएस सेल टाउनशिप (धुर्वा) की हैं छात्रा
अवनी रांची के धुर्वा स्थित प्रतिष्ठित डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) सेल टाउनशिप की छात्रा हैं। उनके पिता मितेश केजरीवाल एक व्यवसायी हैं और मां पूनम केजरीवाल गृहिणी हैं। अवनी की इस अभूतपूर्व कामयाबी से उनका पूरा परिवार और स्कूल प्रशासन बेहद गर्व महसूस कर रहा है। परिजनों के मुताबिक, अवनी शुरू से ही पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर, अनुशासित और मेहनती रही हैं।
”खुद पर अटूट भरोसे का मिला फल”, जानें क्या है आगे का प्लान
अपनी इस जादुई सफलता पर बात करते हुए अवनी ने कहा:
“मुझे शुरू से ही पूरा यकीन था कि मैंने परीक्षा में बहुत अच्छा लिखा है और मेरे नंबर ज्यादा आने चाहिए थे। इसी आत्मविश्वास के चलते मैंने कड़ा कदम उठाते हुए दोबारा जांच के लिए आवेदन किया। आज मेरा वह भरोसा बिल्कुल सही साबित हुआ है।”
अवनी ने अपनी इस बड़ी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है, जिन्होंने हर मोड़ पर उनका हौसला बढ़ाया। भविष्य की योजनाओं को लेकर अवनी का विजन बिल्कुल साफ है; वह बिजनेस मैनेजमेंट (Business Management) के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं और देश के विकास में योगदान देना चाहती हैं।








