चक्रवात अर्णब कमजोर पड़ा, लेकिन बारिश का खतरा बरकरार, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

दक्षिण अंडमान सागर में नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय, बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन बनने की आशंका; उत्तर भारत में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। चक्रवात अर्णब के कमजोर पड़ने के बाद भी बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अर्णब का अवशेष अब छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। दूसरी तरफ दक्षिण अंडमान सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके अगले कुछ दिनों में और मजबूत होने की संभावना है। इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम में इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ सकता है। बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट आने तथा सुबह-शाम ठंड बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कमजोर पड़कर कम दबाव के क्षेत्र में बदला चक्रवात अर्णब

IMD के अनुसार, अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्णब का अवशेष 29 अक्टूबर को उत्तर की ओर बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्सों और उससे लगे ओडिशा के ऊपर पहुंचा। शाम 5:30 बजे तक यह कमजोर होकर स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था। इसके अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा में बढ़ते हुए और कमजोर होने की संभावना जताई गई।

हालांकि चक्रवात की ताकत कम होने के बावजूद इसके अवशेष से जुड़े बादल और नमी मध्य तथा पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश करा सकते हैं। इसी वजह से छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

दक्षिण अंडमान सागर में नया सिस्टम, बंगाल की खाड़ी में बढ़ सकता है असर

मौसम विभाग ने दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र को लेकर भी चेतावनी दी है। यह सिस्टम 29 अक्टूबर की शाम तक उसी क्षेत्र में बना हुआ था। इसके पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास डिप्रेशन में केंद्रित होने की संभावना है।

इसके बाद यह सिस्टम और मजबूत होकर पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी से जुड़े तटीय क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां बढ़ने की आशंका है।

यूपी-बिहार में भारी बारिश, उत्तराखंड में ओलावृष्टि की आशंका

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है।

उत्तराखंड में भी भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओले गिर सकते हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्र और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड के कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम

दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी 30 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। यहां गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में बदलाव महसूस हो सकता है। लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार

उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर और मेरठ सहित कई जिलों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। मौसम संबंधी पूर्वानुमान में प्रदेश के करीब 50 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार बताए गए हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट और ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।

गुरुग्राम में पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था प्रभावित

हरियाणा के गुरुग्राम में लगातार बारिश के कारण सेक्टर 46 के रिहायशी इलाके में एक बड़ा पेड़ उखड़कर गिर गया। इसकी चपेट में आने से बिजली के तीन खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और कई बिजली लाइनें टूट गईं। घटना के बाद इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों तथा कमजोर ढांचों से दूर रहने की जरूरत है।

क्या है मौसम विभाग की चेतावनी का मतलब?

फिलहाल देश में दो अलग-अलग मौसमी सिस्टम का प्रभाव देखने को मिल रहा है। पहला, चक्रवात अर्णब का कमजोर अवशेष है, जो छत्तीसगढ़ और ओडिशा से आगे बढ़ रहा है। दूसरा, दक्षिण अंडमान सागर में बना नया कम दबाव का क्षेत्र है, जिसके बंगाल की खाड़ी में मजबूत होने की संभावना है। इनके अलावा उत्तर भारत में सक्रिय मौसमी परिस्थितियां भी बारिश और गरज-चमक को बढ़ावा दे सकती हैं।

ऐसे में चक्रवात के कमजोर पड़ने को बारिश का खतरा पूरी तरह खत्म होना नहीं माना जा सकता। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। लोगों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने और स्थानीय प्रशासन तथा IMD की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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