CJP नेता सौरव दास की नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर उठे सवाल, मद्रास हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

याचिका में पहचान और माता-पिता की जानकारी की जांच कराने की मांग, आरोप साबित होने पर पासपोर्ट और आधार रद्द करने की भी अपील; छह सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

चेन्नई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास की नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर कानूनी विवाद सामने आया है। उनकी पहचान और परिवार से जुड़ी जानकारी की जांच कराने की मांग को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।

याचिका में सौरव दास की नागरिकता, पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच कराने की मांग की गई है। इसमें उनके माता-पिता से जुड़ी जानकारी जुटाने और उनके बैकग्राउंड की पड़ताल करने की अपील भी शामिल है। याचिकाकर्ता ने यह मांग भी की है कि यदि सौरव दास के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में साबित होते हैं, तो उनका पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द करने पर विचार किया जाए।

हालांकि, अदालत की ओर से फिलहाल केवल नोटिस जारी किया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि याचिका में लगाए गए आरोप सही साबित हो गए हैं या अदालत ने सौरव दास के खिलाफ कोई अंतिम फैसला सुना दिया है। अब संबंधित पक्षों के जवाब और आगे की सुनवाई के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच की मांग

याचिका में सौरव दास की पहचान और उनके परिवार से जुड़ी जानकारियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने उनकी नागरिकता की स्थिति स्पष्ट करने के साथ-साथ माता-पिता की पृष्ठभूमि की भी जांच कराने की मांग की है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता या आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित दस्तावेजों और पहचान पत्रों को लेकर कानूनी कार्रवाई की जाए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

CJP नेता आशुतोष रांका ने जताई नाराजगी

इस मामले पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि किसी व्यक्ति को केवल इसलिए परेशान करना कि उसका काम पसंद नहीं है, शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस तरह की कार्रवाई को किस हद तक बर्दाश्त किया जाना चाहिए।

आशुतोष रांका की इस प्रतिक्रिया के बाद मामला राजनीतिक और सोशल मीडिया चर्चा में भी आ गया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर भी चर्चा में रहे सौरव दास

सौरव दास कॉकरोच जनता पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार सक्रिय रहे हैं। इस दौरान वे आशुतोष रांका के साथ विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे।

प्रदर्शन के सिलसिले में दोनों को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें पांच दिनों तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा था। बाद में अदालत से उन्हें संबंधित मामलों में राहत मिली थी।

छह सप्ताह बाद फिर होगी सुनवाई

मद्रास हाईकोर्ट की ओर से नोटिस जारी होने के बाद अब संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करना होगा। छह सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में मामले से जुड़े पक्षों की दलीलें और जवाब सामने आ सकते हैं।

फिलहाल सौरव दास की नागरिकता या पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर याचिका में लगाए गए आरोप अदालत में साबित नहीं हुए हैं। मामले में अंतिम स्थिति अदालत की आगे की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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