रंगीनमिजाज दारोगा : थाने में दारोगा ने दिखायी आशिकमिजाजी, महिला सिपाही को दे दिया ऑफर, “एक बार हां तो बोलो, तोंद भी कम कर लूंगा”
Flirty Inspector: The inspector showed his romantic side at the police station, offered the female constable, "Just say yes once, I will reduce your belly fat too."

Police News : पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला सिपाही ने थाने में तैनात एक दारोगा पर अश्लील प्रस्ताव दे दिया। महिला सिपाही का आरोप है कि दारोगा जी उसका पीछा करते हैं, अश्लील इशारा करते है और दोस्ती करने का दवाब बनाते हैं। पूरा मामला यूपी के आगरा का है।
आरोप लगाने वाली महिला सिपाही थाने में सीसीटीएनएस (CCTNS) का कार्य देखती है। उसके अनुसार, दारोगा काफी समय से उस पर नजर रख रहा था। वह यह तक निगरानी करता था कि महिला सिपाही किससे बात करती है, कहां आती-जाती है और ड्यूटी के दौरान किन सहकर्मियों से संपर्क में रहती है। हालांकि पहले पहल तक तो महिला सिपाही ने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन धीरे-धीरे दारोगा का व्यवहार असहज और डराने वाला होता चला गया।
एक दिन दारोगा ने सारी हदें पार करते हुए महिला सिपाही के सामने दोस्ती का प्रस्ताव रख दिया। उसने यह भी कहा कि वह “अपना पेट कम कर लेगा” और यदि महिला सिपाही उसकी बात मान लेती है, तो उसकी ड्यूटी बिना किसी परेशानी के आराम से चलती रहेगी। इतना ही नहीं, बात न मानने की स्थिति में ड्यूटी के दौरान परेशान करने और नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।
परेशान होकर महिला सिपाही ने अंततः थाने के इंस्पेक्टर से शिकायत की। हालांकि, यहां भी उसे निराशा ही हाथ लगी। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेने और तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की। दारोगा को केवल तलब कर समझाया गया और उच्चाधिकारियों की कार्रवाई का डर दिखाकर छुट्टी पर भेज दिया गया।
आरोप है कि इंस्पेक्टर ने वरिष्ठ अधिकारियों के पूछने पर इस पूरे मामले की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया, ताकि मामला थाने के भीतर ही दबा रहे और बाहर न जाए। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस महकमे में यह मामला तेजी से फैल गया। थाने के कई अन्य पुलिसकर्मियों ने भी इस घटना की पुष्टि की है, जिससे महिला सिपाही के आरोपों को बल मिलता है।
अब महिला सिपाही इस पूरे प्रकरण को लेकर उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत देने की तैयारी कर रही है। उसका कहना है कि यदि पुलिस विभाग के अंदर ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा के दावे कैसे किए जा सकते हैं।यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सरकार ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों के जरिए महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है।









