जमशेदपुर में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब! फर्जी सिम बेचने वाले गिरोह में JIO कर्मचारी भी शामिल, 3 गिरफ्तार; 5 मोबाइल और 9 सिम बरामद
दूरसंचार विभाग से मिली खुफिया जानकारी के बाद पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने कार्रवाई की। आरोप है कि गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों की KYC का गलत इस्तेमाल कर उनके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड जारी किए जाते थे और फिर उन्हें साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।

जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में साइबर अपराधियों तक फर्जी सिम कार्ड पहुंचाने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस नेटवर्क में टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारी से लेकर सिम कार्ड बेचने वाले एजेंट तक शामिल थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए JIO कंपनी के एक कर्मचारी और दो POS एजेंट समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और नौ सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह सीधे-सादे और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाता था। उनकी जानकारी और KYC दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक ही व्यक्ति के नाम पर दो या उससे अधिक सिम कार्ड जारी किए जाते थे। इनमें से एक सिम ग्राहक को दे दिया जाता था, जबकि दूसरा सिम कार्ड पैसों के बदले साइबर अपराधियों तक पहुंचा दिया जाता था। इस तरह लोगों को पता भी नहीं चलता था कि उनके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड जारी कर उनका इस्तेमाल गलत कामों में किया जा रहा है।
दूरसंचार विभाग की सूचना से खुला फर्जी सिम का खेल
इस पूरे मामले का खुलासा दूरसंचार विभाग से मिली खुफिया जानकारी के बाद हुआ। सूचना मिलने पर पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सिम कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सरकारी दिशा-निर्देशों और सिम कार्ड जारी करने के निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। KYC प्रक्रिया का दुरुपयोग करके अतिरिक्त सिम कार्ड तैयार किए जा रहे थे। इसके बाद इन सिम कार्डों को साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
एक ग्राहक के नाम पर जारी होते थे दो सिम कार्ड
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें सिम कार्ड और KYC से जुड़े नियमों की ज्यादा जानकारी नहीं होती थी। उनकी पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक ही नाम पर दो या उससे अधिक सिम कार्ड जारी किए जाते थे।
ग्राहक को एक सिम कार्ड दिया जाता था, जबकि दूसरा सिम कार्ड आरोपियों के पास रहता था। बाद में इसे मोटी रकम लेकर साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक, इन सिम कार्डों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक धोखाधड़ी, वित्तीय ठगी और अन्य साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
JIO कर्मचारी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रौनक कुमार (19), निवासी बर्मामाइंस, सन्नी कुमार साव (19), निवासी गोलमुरी और प्रकाश कुमार (33), निवासी टेल्को के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, प्रकाश कुमार JIO कंपनी का कर्मचारी है, जबकि रौनक कुमार और सन्नी कुमार साव POS एजेंट के रूप में काम करते थे। तीनों की भूमिका फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी करने और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने के मामले में सामने आई है।
पांच मोबाइल फोन और नौ सिम कार्ड जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और नौ सिम कार्ड बरामद किए हैं। इस मामले में जमशेदपुर साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 109/2026 दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों की KYC का दुरुपयोग करके अतिरिक्त सिम कार्ड जारी किए हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन सिम कार्डों के जरिए देशभर में कितने साइबर अपराधों को अंजाम दिया गया।
पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी सिम कार्ड किन-किन लोगों को बेचे गए और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।









