जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जिद पर अड़े CJP नेता, दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम; तारीख नहीं मिली तो फिर होगा आंदोलन का ऐलान!
आशुतोष रांका और सौरव दास शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीख मांगने संसद मार्ग थाने पहुंचे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, पिछले दो दिनों में हजारों लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की तारीख मांगने संसद मार्ग थाने पहुंचे। दोनों नेताओं ने दिल्ली पुलिस से जल्द तारीख और समय तय करने की अपील करते हुए 24 घंटे का अल्टीमेटम देने की बात कही। उनका कहना है कि यदि पुलिस तय समय में कोई तारीख नहीं देती है, तो वे दोबारा प्रदर्शन का आह्वान करेंगे।
दोनों नेताओं के थाने पहुंचने के बाद आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई और थाने के बाहर की सड़क बंद कर दी गई। मौके पर सार्वजनिक उद्घोषणा के जरिए लोगों से सुरक्षा प्रतिबंधों और निषेधाज्ञा का पालन करने, शांति बनाए रखने तथा बिना अनुमति भीड़ इकट्ठा नहीं करने की अपील की गई। इस घटनाक्रम ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और राजधानी में लागू सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस फिर तेज कर दी है।
पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम, तारीख नहीं मिली तो फिर होगा ऐलान
संसद मार्ग थाने के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली पुलिस से तारीख मांगने आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए निर्धारित समय देगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो 24 घंटे के भीतर दोबारा प्रदर्शन का आह्वान किया जाएगा।
रांका ने राजधानी में सुरक्षा प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि इन व्यवस्थाओं से आम लोगों और कारोबारियों को परेशानी हो रही है। उनके मुताबिक, त्योहारों के नजदीक आने के समय कारोबार प्रभावित होने और लोगों की आवाजाही में बाधा आने की चिंता भी बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों को विरोध दर्ज कराने के लिए कोई निर्धारित स्थान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
सौरव दास बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार
CJP नेता सौरव दास ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने पुलिस से प्रदर्शन की तारीख और समय तय करने की अपील की। दास के अनुसार, पुलिस अक्सर प्रदर्शन आयोजित करने से पहले सूचना देने की जरूरत बताती है, इसलिए इस बार उन्होंने तारीख और समय तय करने का फैसला पुलिस पर छोड़ने की बात कही है।
दास ने यह भी कहा कि वे मामले को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रहने देना चाहते। इसी वजह से पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देने की बात कही गई है। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति मिलेगी या नहीं और पुलिस इस मांग पर क्या फैसला लेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा सख्त
जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के आह्वान के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए कई प्रतिबंध लागू किए हैं। शनिवार और रविवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोके जाने की खबरें सामने आई थीं।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। बीते दो दिनों में CJP, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों से जुड़े नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या और सभी मामलों की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
अब दिल्ली पुलिस के फैसले पर टिकी नजरें
CJP नेताओं की मांग के बाद अब यह देखना अहम होगा कि दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करती है या नहीं। एक ओर नेता शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का हवाला दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था और अनुमति की प्रक्रिया का पालन कराने पर जोर दे रही है।
फिलहाल, 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद संभावित अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं। यदि तय समय में कोई निर्णय सामने नहीं आता है, तो CJP नेताओं के दोबारा प्रदर्शन का आह्वान करने की बात कही गई है। ऐसे में राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और विरोध-प्रदर्शन को लेकर स्थिति आगे भी चर्चा में रह सकती है।









