झारखंड-बड़ी वारदात : पति-पत्नी व बेटे की हत्या, दो भाईयों ने मिलकर दिया वारदात को अंजाम, वारदात के पीछे ये आयी है पूरी कहानी…

Jharkhand - Big incident: Husband, wife and son murdered, two brothers carried out the crime together, this is the full story behind the incident...

झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में अंधविश्वास ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। झाड़-फूंक के शक में दो सगे भाइयों ने धारदार हथियार से हमला कर पिता, मां और बेटे की निर्मम हत्या कर दी। घटना में बहू और पोती गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

 

पलामू (पांकी)। झारखंड के पलामू जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ओझा-गुणी के शक में एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। ट्रिपल मर्डर की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पूरी घटना पांकी थाना क्षेत्र के आसेहर पंचायत अंतर्गत कुसड़ी गांव की है।

मृतकों की पहचान विजय भुईयां, उनकी पत्नी और उनके बेटे के रूप में हुई है। इसी हमले में विजय भुईयां की बहू नीलू देवी और उनकी पोती गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। दोनों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, मेदिनीनगर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि पूरा हत्याकांड अंधविश्वास के कारण अंजाम दिया गया। दरअसल, कुसड़ी गांव निवासी महेशी भुईयां की शनिवार देर रात बीमारी के दौरान मौत हो गई थी। महेशी भुईयां काफी दिनों से बीमार चल रहे थे।

हालांकि, उनके बेटों रबींद्र भुईयां और प्रमोद भुईयां को यह विश्वास था कि उनके पिता की मौत के पीछे विजय भुईयां का हाथ है और उन्होंने ओझा-गुणी के जरिए तंत्र-मंत्र कराया है।

पिता की मौत के बाद गुस्से और अंधविश्वास में डूबे रबींद्र और प्रमोद भुईयां टांगी और अन्य धारदार हथियार लेकर विजय भुईयां के घर पहुंच गए। देर रात अचानक हुए इस हमले में विजय भुईयां, उनकी पत्नी और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आई बहू नीलू देवी और पोती को भी आरोपियों ने नहीं बख्शा और गंभीर रूप से घायल कर दिया।

हमले के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। घायल बहू और पोती को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल भेजा गया।

घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है।यह घटना पूरी तरह से अंधविश्वास से प्रेरित है। महेशी भुईयां की बीमारी के कारण मौत हुई थी, लेकिन उनके बेटों ने ओझा-गुणी के शक में विजय भुईयां और उनके परिवार पर हमला कर दिया।

पुलिस ने तीनों मृतकों के शव के साथ-साथ महेशी भुईयां के शव का भी पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि आरोपी रबींद्र और प्रमोद भुईयां की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। दोनों का पूरा परिवार फिलहाल फरार है। पुलिस सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, विजय भुईयां और महेशी भुईयां के परिवार के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। अंधविश्वास को लेकर दोनों परिवारों में कई बार झगड़े हुए थे और पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

जिस क्षेत्र में यह घटना हुई है, वहां पहले भी अंधविश्वास से जुड़ी घटनाएं सामने आती रही हैं। एक मामले में तो अंधविश्वास के कारण पूरे परिवार को गांव से बाहर तक कर दिया गया था।

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