झारखंड: सरकारी स्कूल में होगी एआई (Artificial Intelligence), एलेक्सा, डिजिटल ऐप्स और यूट्यूब से होगी पढ़ाई, जानिये क्या है दीप योजना, जिससे स्कूल हो जायेंगे हाईटेक
Jharkhand: Government schools will be taught through AI (Artificial Intelligence), Alexa, digital apps and YouTube, know what is Deep Yojana, which will make schools hi-tech

Jharkhand School News : झारखंड के सरकारी स्कूल भी अब दमकेंगे। शिक्षा विभाग ने इसकी शुरुआत कर दी है। दुमका जिले में इसकी झलक दिखने लगी है। दुमका जिला प्रशासन ने “डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन इम्पावरमेंट प्रोग्राम (दीप)” की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भी निजी स्कूलों के छात्रों की तरह गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और डिजिटल सुविधाओं से लाभान्वित हो सकें।
जानिये क्या है दीप योजना?
दरअसल झारखंड के दुमका जिले में शिक्षा को नई दिशा देने के लिए जिला प्रशासन ने डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन इम्पावरमेंट प्रोग्राम (दीप) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब किताबों के साथ-साथ एआई (Artificial Intelligence), एलेक्सा, डिजिटल ऐप्स और यूट्यूब जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा मिलेगा। इसका मकसद है कि बच्चों की पढ़ाई को रोचक, सरल और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके।
आधुनिक तकनीक से पढ़ाई
दीप योजना के अंतर्गत छात्रों को जे-गुरुजी एप के जरिए डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
• कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को ऑडियो-वीडियो स्टडी मैटेरियल, लाइव क्लासेस और प्रश्न बैंक मिलेंगे।
• क्विज़ और टेस्ट सीरीज़ के माध्यम से समय-समय पर छात्रों का मूल्यांकन होगा।
• गलत उत्तर देने पर एप उन्हें विस्तृत व्याख्या के साथ सही उत्तर बताएगा।
• छुट्टी के दिनों में भी छात्र घर से लॉगिन कर पढ़ाई कर सकेंगे।
यह एप न सिर्फ छात्रों के लिए बल्कि शिक्षकों के लिए भी फायदेमंद होगा, क्योंकि इसमें ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल भी शामिल किए गए हैं।
शिक्षकों की जिम्मेदारी और निगरानी
दीप योजना के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और श्रेष्ठ शिक्षकों की विशेष टीमें बनाई जा रही हैं।
• इन टीमों की जिम्मेदारी होगी कि वे मॉडल प्रश्नपत्र तैयार करें और बच्चों की पढ़ाई की मजबूत नींव रखें।
• शिक्षकों की उपस्थिति और जिम्मेदारी की निगरानी रैंडम वीडियो कॉल के जरिए होगी।
• लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान
जिला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कोई कमी न रहे। इसके लिए:
• पेयजल, शौचालय और चारदीवारी जैसी न्यूनतम जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
• जर्जर भवनों की सूची बनाकर उसे सरकार को भेजा जाएगा।