झारखंड छुट्टी ब्रेकिंग : कर्मचारियों-अधिकारियों की छुट्टी हो गयी रद्द, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, 21 फरवरी की छुट्टी कैंसिल, कार्यदिवस घोषित

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झारखंड सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए 21 फरवरी को छुट्टी नहीं रहेगी। सभी सरकारी कार्यालयों को कार्य दिवस घोषित किया है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सत्र से जुड़े कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।

रांची। 21 फरवरी को झारखंड में छुट्टी नहीं रहेगी। इस संबंध में राज्य सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 21 फरवरी, शनिवार को राज्य के सभी शासकीय कार्यालयों को कार्य दिवस घोषित किया गया है। झारखंड सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर ये महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

आम तौर पर सचिवालय और उससे संबद्ध कार्यालयों में शनिवार को अवकाश रहता है, लेकिन विशेष परिस्थितियों के चलते इस व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है।सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह निर्णय विधानसभा सत्र से जुड़े कार्यों में निरंतरता बनाए रखने और विभागीय प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से लिया गया है।

बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों पर फाइलों के निष्पादन, सूचनाओं के संकलन और प्रशासनिक समन्वय का अतिरिक्त दबाव रहता है। ऐसे में कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए अवकाश दिवस को कार्य दिवस में परिवर्तित किया गया है।

विधानसभा कार्यों को प्राथमिकता
अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि विधानसभा का चालू सत्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा रहा है। 21 फरवरी को सदन की विशेष बैठक प्रस्तावित है, जिसके मद्देनज़र सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भूमिका आवश्यक मानी जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान कई अहम प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रस्तावों, प्रश्नोत्तर, विभागीय जवाबों और दस्तावेजी प्रक्रियाओं का निष्पादन समानांतर रूप से चलता है। इस कारण सभी कार्यालयों का सुचारू रूप से कार्य करना जरूरी हो जाता है।

अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए निर्देश
सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे। कार्य दिवस घोषित किए जाने के बाद सामान्य कार्यप्रणाली लागू रहेगी और सभी प्रशासनिक कार्य नियमित रूप से संपन्न किए जाएंगे।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कदम मुख्य रूप से विभागीय समन्वय को मजबूत करने और सत्र संबंधी प्रक्रियाओं को गति देने के लिए उठाया गया है। बजट सत्र के दौरान कई विभागों से तत्काल सूचनाएं, प्रतिवेदन और अनुमोदन अपेक्षित होते हैं, जिनकी समय पर उपलब्धता आवश्यक होती है।

प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने की कोशिश
विशेष परिस्थितियों में अवकाश दिवस को कार्य दिवस घोषित करने की यह व्यवस्था नई नहीं है। पूर्व में भी महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों, आपात प्रशासनिक आवश्यकताओं और विधानसभा सत्रों के दौरान इस तरह के फैसले लिए जाते रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के निर्णय शासन की कार्य दक्षता और संस्थागत प्रक्रियाओं की निरंतरता बनाए रखने में सहायक होते हैं। इससे प्रशासनिक कार्यों में देरी की संभावना कम होती है और सत्र से जुड़े कार्य समय पर पूरे किए जा सकते हैं।

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