झारखंड: इंस्टाग्राम का करोड़पति निकला मजदूर, फर्जी करोड़पति आशिक की दीवानी हुई तीन बच्चों की मां पहुंच गई आंध्र प्रदेश, पुलिस ने किया बरामद

इंस्टाग्राम पर शानो-शौकत देखकर युवक को एक महिला करोड़पति समझ बैठी। ऐशो आराम देख महिला का दिल मचल गया और फिर उसने इंस्टा पर उसने रिक्वेस्ट भेज दी। दोस्ती बढ़ी तो महिला अपने तीन बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी के पास पहुंच गयी। वहीं पहुंचने पर पता चला कि दरअसल जिसे वो करोड़पति समझ रही थी, वो तो एक मजदूर है। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के आधार पर महिला को आंध्र प्रदेश से सुरक्षित बरामद कर वापस झारखंड लाया।

दुमका। इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के चलते एक 30 वर्षीय महिला अपने पति और तीन बच्चों को छोड़कर आंध्र प्रदेश चली गई। हालांकि, पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच के चलते महिला को सुरक्षित वापस लाया गया।पुलिस के अनुसार, महिला लंबे समय से इंस्टाग्राम पर एक युवक के संपर्क में थी।

युवक ने सोशल मीडिया पर खुद को बेहद संपन्न और प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया था। उसकी जीवनशैली और पोस्ट्स से प्रभावित होकर महिला उससे मिलने के लिए घर छोड़कर आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम पहुंच गई।

पति ने दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत
मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला के पति ने 12 जनवरी को सरैयाहाट थाना में पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पति ने बताया कि उनकी पत्नी इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति से लगातार बातचीत कर रही थी। इस बात को लेकर दंपति के बीच कई बार विवाद भी हुआ था। पत्नी के अचानक घर से गायब हो जाने के बाद पति ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

तकनीकी निगरानी से मिला सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और साइबर जांच के माध्यम से महिला की लोकेशन ट्रेस की।

जांच के दौरान महिला की लोकेशन आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में पाई गई।इसके बाद पुलिस टीम आंध्र प्रदेश पहुंची और महिला को सुरक्षित बरामद कर झारखंड वापस लाया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महिला को किसी प्रकार की शारीरिक क्षति नहीं पहुंची थी।

सामने आई सोशल मीडिया की सच्चाई
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इंस्टाग्राम पर खुद को अमीर और सफल बताने वाला युवक वास्तव में दिहाड़ी मजदूर था। सोशल मीडिया पर बनाई गई उसकी छवि और वास्तविक जीवन में काफी अंतर पाया गया। यह तथ्य महिला के लिए भी अप्रत्याशित था।

माता-पिता के समझाने पर लौटी महिला
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला को उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। परिवार और परिजनों के समझाने के बाद महिला अपने घर लौटने के लिए तैयार हो गई। राहत की बात यह रही कि महिला के पति ने भी उसे स्वीकार कर लिया और परिवार पुनः साथ रहने को तैयार हो गया।

पुलिस की अपील और चेतावनी
इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया के उपयोग में सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली जानकारी, दावे और व्यक्तित्व हमेशा वास्तविक नहीं होते। किसी भी प्रकार के संबंध या निर्णय लेने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है।

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