झारखंड: ED अफसर बनकर लेडी डाक्टर को आया कॉल, फिर खाते से ट्रांसफर हो गये 10 लाख रुपये, नोएडा से आरोपी हुआ गिरफ्तार
Jharkhand: Lady doctor receives call posing as ED officer, Rs 10 lakh transferred from her account; accused arrested in Noida

रांची। महिला डाक्टर से 10 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। जिसके बाद सीआईडी के अधीन साइबर अपराध थाने की पुलिस ने एक महिला डॉक्टर से 10 लाख रुपये की ठगी करने वाले साइबर अपराधी को नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी विकास के खिलाफ देशभर के विभिन्न राज्यों में दस से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। वह खुद को केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित का नाम विकास है, जो उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-63 का निवासी है। साइबर अपराध थाने की टीम ने नोएडा पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाया गया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से बैंक खातों के दस्तावेज, मोबाइल फोन और वॉट्सऐप चैट्स बरामद की हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया गया था।
रांची की एक महिला डॉक्टर ने 22 अगस्त को साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर में उन्होंने बताया कि उन्हें वॉट्सऐप पर एक व्यक्ति ने संपर्क किया, जो खुद को किसी केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बताकर डराने-धमकाने लगा। आरोपी ने महिला को झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी दी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर उनसे 10 लाख रुपये सिटी यूनियन बैंक, नोएडा के खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस ने बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण किया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विकास कई राज्यों में इसी तरह के डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहा है। उसने ठगी के पैसों को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने के लिए कई म्यूल खातों (फर्जी खातों) की व्यवस्था कर रखी थी।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, हैंडलरों और बैंक खाताधारकों की पहचान में जुटी है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ देशभर में कुल दस मामले दर्ज हैं।रांची साइबर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाली फोन कॉल या वीडियो कॉल पर विश्वास न करें, क्योंकि कोई भी एजेंसी पैसे की मांग नहीं करती और न ही किसी को ऑनलाइन गिरफ्तार करती है।









