श्रावणी मेला के बीच मलेरिया का कहर, मेले की ड्यूटी में तैनात कर्मी भी चपेट में; झारखंड में हजारों मलेरिया के मामले पर विभाग सतर्क
झारखंड में मलेरिया का खतरा बढ़ा, 2026 में करीब 17 हजार मामले सामने आए। देवघर श्रावणी मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिसकर्मी भी मलेरिया पॉजिटिव मिले।

संतालपरगना: झारखंड में बारिश के बीच मच्छरों का कहर जारी है। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और कालाजार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। खासकर देवघर में चल रहे श्रावणी मेले के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। इस बीच मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिसकर्मियों के मलेरिया पॉजिटिव मिलने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सतर्क हो गया है।
झारखंड में करीब 17 हजार मलेरिया के मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक झारखंड में करीब 17 हजार मलेरिया के मामले सामने आ चुके हैं। संथाल परगना प्रमंडल में भी लगभग दो हजार लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। इनमें गोड्डा और साहिबगंज जिले में संक्रमण के मामले अधिक बताए जा रहे हैं। लगातार बारिश और जगह-जगह जलजमाव के कारण मच्छरों के प्रजनन की स्थिति अनुकूल बनी हुई है। ऐसे में संथाल परगना के दूसरे जिलों में भी मलेरिया को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है।
श्रावणी मेले की ड्यूटी कर रहे दो पुलिसकर्मी पॉजिटिव
देवघर में श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों में मलेरिया के लक्षण सामने आने के बाद जांच कराई गई। जांच में दो पुलिसकर्मी मलेरिया पॉजिटिव पाए गए।मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोनों पुलिसकर्मियों का इलाज शुरू कराया और आवश्यक सावधानी बरती गई। इसके बाद मेला क्षेत्र में तैनात अन्य कर्मियों और संदिग्ध लोगों की भी जांच पर जोर दिया जा रहा है।
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ से बढ़ी चुनौती
श्रावणी मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच मच्छरजनित बीमारियों का संक्रमण रोकना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
इसी को देखते हुए मेला क्षेत्र के साथ-साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्वास्थ्य टीमों को सक्रिय किया गया है। संदिग्ध मरीजों की जांच के अलावा लोगों को मलेरिया और दूसरी वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के तरीके भी बताए जा रहे हैं।
जलजमाव वाले इलाकों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर
स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से ऐसे स्थानों की निगरानी की जा रही है, जहां बारिश का पानी जमा हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय तक जमा रहने वाला पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बन सकता है।प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और दवा का छिड़काव भी किया जा रहा है।
बुखार को हल्के में न लें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में लगातार बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य न समझें। ऐसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए।
अधिकारियों ने लोगों को अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा जा रहा है।
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