JSSC नियुक्ति घोटाले में CID का बड़ा एक्शन, दो आरोपी गिरफ्तार; 12 अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने का खुलासा

मुख्य सरगना मिथिलेश सिंह उर्फ आरके के करीबी रिश्तेदार निकले गिरफ्तार आरोपी, एक उच्च शिक्षा विभाग में ASO के पद पर था तैनात; अब फरार सरगना और पैसों के लेनदेन की तलाश में जुटी जांच एजेंसी

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) नियुक्ति घोटाले की जांच में CID ने बड़ी कार्रवाई की है। परीक्षा में कथित धांधली के मामले में जांच एजेंसी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हटिया के टोंको रोड स्थित केशर विहार निवासी सुमित कुमार सिंह और बरियातू के टैगोर हिल रोड स्थित रविंद्र नगर निवासी भानु प्रताप के रूप में हुई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुक्रवार को दोनों को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार भेज दिया गया।

CID की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी इस पूरे मामले के कथित मुख्य सरगना मिथिलेश सिंह उर्फ आरके के करीबी रिश्तेदार हैं। मिथिलेश सिंह फिलहाल फरार है और जांच एजेंसी उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से मिले सुराग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अब परीक्षा धांधली के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

एक आरोपी उच्च शिक्षा विभाग में था ASO, दूसरा चलाता है किराना दुकान

CID के अनुसंधान के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपी परीक्षा धांधली के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और कथित तौर पर अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से परीक्षा में सफलता दिलाने में उनकी भूमिका थी।

जांच एजेंसी के अनुसार, भानु प्रताप ने खुद भी JSSC परीक्षा में कथित तौर पर अवैध तरीके से सफलता हासिल की थी। वह वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी यानी ASO के पद पर कार्यरत था। वहीं, दूसरा आरोपी सुमित कुमार सिंह राशन और किराने की दुकान चलाता है। CID दोनों की भूमिका और नेटवर्क से उनके जुड़ाव की जांच कर रही है।

10 से 12 अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से पास कराने का आरोप

जांच में सामने आए तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर CID को पता चला है कि दोनों आरोपियों ने परीक्षा सिंडिकेट के साथ मिलकर करीब 10 से 12 अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अवैध तरीके से परीक्षा में पास कराया था। इस खुलासे के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।

अब CID यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने अन्य अभ्यर्थियों ने कथित धांधली का लाभ उठाकर नौकरी हासिल की। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि अभ्यर्थियों को पास कराने के बदले कितनी रकम ली गई और पैसा किन-किन लोगों तक पहुंचा।

मुख्य सरगना मिथिलेश सिंह उर्फ आरके की तलाश तेज

इस मामले में मिथिलेश सिंह उर्फ आरके को कथित तौर पर पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। वह अभी तक CID की गिरफ्त में नहीं आया है। जांच एजेंसी उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

CID का फोकस अब परीक्षा धांधली के पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने, कथित तौर पर अवैध तरीके से सफल हुए अभ्यर्थियों की पहचान करने और आर्थिक लेनदेन का पता लगाने पर है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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