JSSC पेपर लीक मामले में CID का बड़ा एक्शन, गिरिडीह के 4 सफल अभ्यर्थियों को नोटिस; 30 उम्मीदवार जांच के घेरे में, कथित नेटवर्क की खुलेंगी परतें?

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच तेज हो गई है। बेंगाबाद क्षेत्र के चार गांवों के अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। मामले में कथित मास्टरमाइंड बताए जा रहे अभय तिवारी से जुड़े लोगों की भूमिका और प्रश्नपत्र के कथित अवैध लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली और प्रश्नपत्र लीक मामले में सीआईडी ने जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के चार गांवों के चार सफल अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर सीआईडी कार्यालय में उपस्थित होने और पूछताछ में शामिल होने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में जांच का दायरा और बढ़ गया है।

यह कार्रवाई कांड संख्या 01/25 के तहत की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान अब तक करीब 30 सफल अभ्यर्थियों की पहचान की गई है, जिनकी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में पड़ताल की जा रही है। सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र हासिल करने से लेकर परीक्षा में सफलता और नौकरी पाने तक की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।

बेंगाबाद के चार गांवों के अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया

सीआईडी ने बेंगाबाद थाना क्षेत्र के फुफंदी, चपुआडीह, नावाडीह और चकरदाहा गांवों के चार सफल अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया है। एजेंसी इन अभ्यर्थियों से पूछताछ के जरिए परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाना चाहती है।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक हुआ तो वह किन लोगों तक पहुंचा, अभ्यर्थियों को इसका लाभ कैसे मिला और इस पूरे मामले में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं। हालांकि, नोटिस जारी होने या पूछताछ के लिए बुलाए जाने मात्र से किसी अभ्यर्थी का दोषी होना साबित नहीं होता। मामले में उनकी भूमिका जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

अभय तिवारी से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

मामले में अभय तिवारी को कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जांच एजेंसी उसकी भूमिका और उससे जुड़े लोगों के संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है। जानकारी के अनुसार, अभय तिवारी का ससुराल बेंगाबाद के हथबोर गांव में बताया गया है। सीआईडी उसके ससुर और सहायक अध्यापक विकास पांडेय से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।

वहीं, अभ्यर्थियों से कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे वसूलने के आरोपी सौरभ पांडेय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके घर पर इश्तेहार चिपकाया है। सौरभ पांडेय को अभय तिवारी का साला बताया गया है। जांच एजेंसी कथित वसूली और पेपर लीक से जुड़े संपर्कों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

प्रश्नपत्र हासिल कर ASO की नौकरी पाने का आरोप, समीर पहले ही गिरफ्तार

इस मामले में बेंगाबाद बस्ती निवासी समीर उर्फ शालू को सीआईडी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उस पर आरोप है कि उसने अनुचित और अवैध तरीके से JSSC का प्रश्नपत्र हासिल किया और इसके आधार पर सचिवालय सहायक यानी ASO के पद पर नौकरी प्राप्त की।

सीआईडी इस आरोप से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित प्रश्नपत्र लीक की शुरुआत कहां से हुई, इसमें कौन-कौन लोग जुड़े थे और प्रश्नपत्र किन अभ्यर्थियों तक पहुंचा। इसके साथ ही कथित अवैध वसूली और परीक्षा में सफलता के बीच किसी संबंध की भी पड़ताल की जा रही है।

30 सफल अभ्यर्थियों की पहचान, अब जांच के नतीजों पर नजर

JSSC पेपर लीक मामले में चार अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद जांच की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब 30 सफल अभ्यर्थियों की पहचान किए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इन सभी की भूमिका और कथित अनियमितताओं से उनका संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल सीआईडी कथित पेपर लीक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने, संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल करने और संबंधित लोगों से पूछताछ के जरिए साक्ष्य जुटाने में लगी है। अब देखना होगा कि जांच में आगे किन तथ्यों का खुलासा होता है और कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर क्या जानकारी सामने आती है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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