“कभी गम न देना खुशी देने वाले, मुझे प्यार की जिंदगी देने वाले…”करवाचौथ पर पत्नी के नाम आखिरी पोस्ट, एक घंटे बाद सौरा नदी में समा गई फॉर्च्यूनर
शाम 6 बजे पत्नी के साथ फेसबुक पर साझा की थी भावुक रील, करीब 7 बजे कप्तान पुल पर हुआ दर्दनाक हादसा; नदी में डूबी कार से गोताखोरों ने निकाला बाहर, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

पूर्णिया। करवाचौथ का त्योहार एक परिवार के लिए जिंदगी का सबसे दर्दनाक दिन बन गया। पत्नी की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना वाले इस पर्व पर पूर्णिया के जाने-माने कारोबारी विनय कुमार उर्फ बबलू विश्वास ने अपनी पत्नी के साथ सोशल मीडिया पर एक भावुक रील साझा की थी। पोस्ट में बज रहा गीत था, “कभी गम न देना खुशी देने वाले…”। लेकिन इस पोस्ट के करीब एक घंटे बाद ही एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। बबलू विश्वास की फॉर्च्यूनर कार पूर्णिया के लाइन बाजार स्थित कप्तान पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सौरा नदी में जा गिरी। हादसे में उनकी मौत हो गई।
बबलू विश्वास की उम्र करीब 50 वर्ष बताई गई है। वह पूर्णिया में रेनॉल्ट कार शोरूम के मालिक थे और शहर के व्यापारिक, सामाजिक तथा राजनीतिक हलकों में उनकी पहचान थी। करवाचौथ के दिन उनकी पत्नी निर्जला व्रत रखकर पति के घर लौटने और चांद के दीदार का इंतजार कर रही थीं, लेकिन शाम को आई हादसे की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
शाम 6 बजे पत्नी के साथ पोस्ट की तस्वीर, 7 बजे हादसे की खबर
हादसे से कुछ समय पहले तक बबलू विश्वास सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। गुरुवार को करवाचौथ के अवसर पर शाम करीब छह बजे उन्होंने अपनी पत्नी के साथ एक तस्वीर और रील फेसबुक पर साझा की। इस पोस्ट में बैकग्राउंड में बज रहे गीत के बोल थे, “कभी गम न देना खुशी देने वाले, मुझे प्यार की जिंदगी देने वाले…”। पोस्ट पर उनके परिचितों और दोस्तों ने प्रतिक्रियाएं भी दीं।
लेकिन करीब एक घंटे बाद शाम सात बजे सौरा नदी में कार गिरने की खबर सामने आई। जिस व्यक्ति को कुछ देर पहले लोग पत्नी के साथ मुस्कराते हुए देख रहे थे, उसकी मौत की खबर ने परिचितों और दोस्तों को स्तब्ध कर दिया। करवाचौथ की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं।
पैतृक गांव से लौटते समय कप्तान पुल पर हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, बबलू विश्वास अपने पैतृक गांव डगरूआ प्रखंड के कोचैली गए हुए थे। वहां से वह अपनी फॉर्च्यूनर कार खुद चलाकर पूर्णिया शहर स्थित प्रभात कॉलोनी में अपने आवास लौट रहे थे।
इसी दौरान उनकी गाड़ी लाइन बाजार स्थित कप्तान पुल पर पहुंची। बताया जा रहा है कि पुल पर कार अचानक अनियंत्रित हो गई और तेज रफ्तार में रेलिंग तोड़ते हुए सीधे सौरा नदी में जा गिरी। कार के नदी में गिरते ही जोरदार आवाज हुई। देखते ही देखते आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
नदी में डूबी कार, गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद निकाला
हादसे के बाद कप्तान पुल के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी, एसडीपीओ और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। नदी में गिरी फॉर्च्यूनर काफी गहराई में डूब गई थी, जिसके कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आईं।
काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने कार से बबलू विश्वास को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH), पूर्णिया ले जाया गया।
GMCH में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने बबलू विश्वास की जांच की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डीएसपी अभिनव पराशर ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वाहन में केवल एक ही व्यक्ति सवार था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा पहुंचे अस्पताल
बबलू विश्वास पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा के करीबी माने जाते थे। हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व सांसद GMCH पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने बबलू विश्वास के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि बबलू उनके परिवार के सदस्य जैसे थे और उनका इस तरह असमय चले जाना उनके लिए और पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए पीछे
इस हादसे ने बबलू विश्वास के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। जिस दिन पत्नी ने पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखा था, उसी दिन उनके निधन की खबर ने परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
पूर्णिया के कारोबारी जगत और सामाजिक हलकों में भी शोक की लहर है। शहर में लोग इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध हैं। फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।









