कोलकाता भगदड़ के बाद झारखंड में हाई अलर्ट! दुर्गा पूजा पंडालों की फिर होगी जांच, प्रवेश-निकास से लेकर CCTV और फायर सेफ्टी तक का होगा ऑडिट
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी और एसएसपी को दिए निर्देश, संवेदनशील पंडालों में बढ़ेगी निगरानी; 23 अक्टूबर तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और आपातकालीन तैयारियों पर विशेष जोर

रांची। कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए राज्य के सभी जिलों में पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था का दोबारा ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी और एसएसपी से कहा है कि सुरक्षा इंतजामों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर किया जाए।
निर्देश के अनुसार, लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी सभी पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। खासतौर पर भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील पंडालों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पूजा समितियों ने निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया है या नहीं।
प्रवेश और निकास के रास्तों की होगी बारीकी से जांच
सुरक्षा ऑडिट के दौरान पंडालों में प्रवेश और निकासी के रास्तों की स्थिति की जांच की जाएगी। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास व्यवस्था, आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए पर्याप्त रास्ते और बैरिकेडिंग की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जिन पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, वहां भीड़ नियंत्रण के इंतजामों की समीक्षा भी की जाएगी। इसके साथ ही पार्किंग और यातायात व्यवस्था का आकलन किया जाएगा, ताकि किसी आपात स्थिति में रास्ते अवरुद्ध न हों और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
CCTV और ड्रोन से संवेदनशील पंडालों पर नजर
पुलिस मुख्यालय ने भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील पूजा पंडालों में निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर ड्रोन की मदद से भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। भीड़ के दबाव और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
इसके अलावा पंडालों में पर्याप्त रोशनी, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और आपातकालीन इंतजामों की भी जांच होगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति में श्रद्धालुओं तक समय पर सूचना पहुंचाना और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करना है।
आग, बिजली और मेडिकल सुविधाओं की भी होगी पड़ताल
सुरक्षा जांच में केवल भीड़ प्रबंधन ही नहीं, बल्कि अग्निशमन और चिकित्सा सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। पंडालों में आग से बचाव के उपायों, बिजली के सुरक्षित इंतजामों और आपातकालीन चिकित्सा सहायता की उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी।
पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों को इस तरह तैयार रहने के निर्देश हैं कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा व्यवस्था में कमी मिलने पर उसे समय रहते दूर करने पर जोर दिया गया है।
23 अक्टूबर तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए झारखंड के सभी जिलों में 14 से 23 अक्टूबर तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। इस व्यवस्था में झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB), स्पेशलाइज्ड इंडियन रिजर्व बटालियन (SIRB) और झारखंड जगुआर के जवान शामिल हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार रैपिड एक्शन पुलिस (RAP) की तैनाती भी की जाएगी। इसके साथ ही झारखंड जगुआर के बम निरोधक और अश्रु गैस दस्तों को भी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखने की व्यवस्था की गई है।
कोलकाता की घटना के बाद भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
कोलकाता के चोरबागान पंडाल की घटना के बाद दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने जिलों को पंडालों की दोबारा जांच करने, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और कमियों को तत्काल दूर करने को कहा है।
अब पुलिस और जिला प्रशासन के सामने चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे, आपातकालीन रास्ते खुले रहें और किसी भी अप्रिय स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।









