महाराष्ट्र में सूखे की मार, किसानों की फसलें संकट में और VIP मेहमानों के लिए 12.68 करोड़ की 44 गाड़ियां मंजूर! 4 करोड़ की बुलेटप्रूफ लैंड क्रूजर पर मचा बवाल
राज्य के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित होने की जानकारी के बीच महाराष्ट्र सरकार ने VIP और VVIP मेहमानों के लिए नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है। इनमें 4.07 करोड़ रुपये से ज्यादा की बुलेटप्रूफ लैंड क्रूजर 300 भी शामिल है। फैसले ने सरकारी खर्च और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुंबई। महाराष्ट्र में एक तरफ सूखे की मार झेल रहे किसान राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, तो दूसरी तरफ राज्य सरकार की ओर से VIP और VVIP मेहमानों के लिए करोड़ों रुपये की नई गाड़ियां खरीदने को मंजूरी दिए जाने का मामला चर्चा में आ गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सरकार ने कुल 44 वाहनों की खरीद के लिए प्रशासनिक मंजूरी दी है। इन गाड़ियों की कुल कीमत करीब 12 करोड़ 68 लाख रुपये बताई गई है। सबसे ज्यादा चर्चा लगभग 4.08 करोड़ रुपये की बुलेटप्रूफ टोयोटा लैंड क्रूजर 300 को लेकर हो रही है।
सूखे की स्थिति के बीच सरकारी वाहनों पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने के फैसले से सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठ सकते हैं। खासकर तब, जब राज्य के कई इलाकों में बारिश की कमी के कारण खेती प्रभावित होने और किसानों को फसलों के नुकसान का सामना करने की बात सामने आई है। हालांकि, इस खरीद को लेकर सरकार का विस्तृत पक्ष और खर्च के औचित्य से संबंधित आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने पर ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
4 करोड़ की बुलेटप्रूफ लैंड क्रूजर बनी चर्चा का केंद्र
नई गाड़ियों की खरीद में सबसे ज्यादा ध्यान बुलेटप्रूफ टोयोटा लैंड क्रूजर 300 पर है। इसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 7 लाख 68 हजार रुपये बताई गई है। यह NIJ III/B6 स्तर की सुरक्षा वाली विशेष बुलेटप्रूफ गाड़ी है, जिसे VIP और VVIP मेहमानों की सुरक्षा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर खरीदे जाने की जानकारी दी गई है।
एक ओर सामान्य वाहनों की खरीद पर लाखों रुपये खर्च किए जाने हैं, वहीं अकेली इस बुलेटप्रूफ गाड़ी की कीमत ही चार करोड़ रुपये से अधिक है। इसी वजह से सूखे के बीच इस खरीद को लेकर सार्वजनिक खर्च और सरकारी प्राथमिकताओं पर बहस होने की संभावना जताई जा रही है।
इनोवा से लेकर फॉर्च्यूनर तक, जानिए किन गाड़ियों की होगी खरीद
उपलब्ध विवरण के अनुसार, मंजूर किए गए वाहनों में 32 टोयोटा इनोवा क्रिस्टा शामिल हैं। प्रत्येक गाड़ी की अनुमानित कीमत 20.71 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 30 लाख रुपये प्रति गाड़ी की कीमत वाली दो टोयोटा फॉर्च्यूनर भी खरीदी जानी हैं।
सूची में सात मारुति सुजुकी अर्टिगा भी शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 11.59 लाख रुपये प्रति गाड़ी बताई गई है। इनके अतिरिक्त नौ लाख रुपये का एक टाटा 207 टोइंग वाहन और 31 लाख रुपये की एक अर्बानिया बस खरीदने की भी मंजूरी दी गई है। इन सभी वाहनों के साथ बुलेटप्रूफ लैंड क्रूजर को मिलाकर कुल 44 गाड़ियों की खरीद प्रस्तावित है।
सरकार के मुताबिक, इन वाहनों का इस्तेमाल राज्य के दौरे पर आने वाले VIP और VVIP मेहमानों के लिए किया जाएगा। हालांकि, वाहनों की खरीद की जरूरत, उनके उपयोग और खर्च से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही इस फैसले का पूरा संदर्भ स्पष्ट हो सकेगा।
सूखे की मार झेल रहे किसान, सरकारी खर्च पर उठ सकते हैं सवाल
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति इस खरीद को लेकर बहस की प्रमुख वजह बन सकती है। उपलब्ध जानकारी में राज्य के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किए जाने का उल्लेख है। बारिश की कमी के कारण कई क्षेत्रों में खेती प्रभावित होने और किसानों को फसल नुकसान का सामना करना पड़ने की बात कही गई है।
ऐसे हालात में किसान सिंचाई, फसल नुकसान की भरपाई और दूसरी राहतों की उम्मीद कर रहे हैं। इसी बीच VIP मेहमानों के लिए करोड़ों रुपये की गाड़ियों की खरीद को मंजूरी दिए जाने से यह सवाल उठ सकता है कि संकट के समय सरकारी खर्च में किन जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है।
हालांकि, VIP और VVIP की सुरक्षा तथा आधिकारिक परिवहन की अपनी जरूरतें हो सकती हैं, लेकिन सूखे जैसी स्थिति में बड़े सरकारी खर्च का औचित्य स्पष्ट करना भी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि यह फैसला प्रशासनिक मंजूरी से आगे बढ़कर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बन सकता है।
मुख्यमंत्री के खर्च में कटौती के निर्देशों पर भी उठ सकते हैं सवाल
इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से खर्च में कटौती करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी का भी उल्लेख किया जा रहा है। ऐसे में नई गाड़ियों की खरीद को लेकर यह सवाल उठ सकता है कि खर्च कम करने की नीति और इस खरीद के बीच किस तरह तालमेल बैठाया गया है।
फिलहाल, इस मुद्दे पर विपक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद की दिशा अधिक स्पष्ट हो सकती है। सरकार की ओर से खरीद के औचित्य, सुरक्षा संबंधी जरूरतों और बजट प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी सामने आना भी अहम होगा।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र में सूखे के बीच 12.68 करोड़ रुपये की 44 गाड़ियों की खरीद को मिली मंजूरी ने सरकारी खर्च और प्राथमिकताओं को चर्चा में ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इस फैसले के पीछे क्या तर्क देती है और क्या विपक्ष इस मुद्दे को लेकर कोई औपचारिक सवाल उठाता है।









