मणिपुर में उग्रवादी नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 24 घंटे में 3 कैडर गिरफ्तार; जबरन वसूली से लेकर हथियारों की तस्करी तक के आरोप
इंफाल पश्चिम और थौबल जिले में पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों के अलग-अलग अभियान, प्रतिबंधित संगठनों RPF/PLA और PREPAK (Pro) से जुड़े कथित सक्रिय कैडर पकड़े गए; दोनों मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू।

इंफाल। मणिपुर में उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के तहत पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटे के दौरान तीन कथित सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपितों का संबंध दो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से बताया जा रहा है। उन पर जबरन वसूली और हथियारों के परिवहन में शामिल होने के आरोप हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर को विशेष सूचना के आधार पर मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने इंफाल पश्चिम जिले के लाम्बोइखोंगनांगखोंग इलाके में अभियान चलाया। इस दौरान रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF) और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) से जुड़ा कथित सक्रिय कैडर वांगखेम मलेमंगनबा (37) गिरफ्तार किया गया। वह इसी इलाके की लेन नंबर 12 का निवासी बताया गया है। पुलिस का आरोप है कि वह जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल था। इस मामले में लाम्फेल पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है।
थौबल में दूसरे अभियान के दौरान दो गिरफ्तार
एक अन्य कार्रवाई थौबल जिले में की गई। पुलिस के अनुसार, जबरन वसूली से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद सीडीओ-थौबल की टीम ने 10 अक्टूबर को खांगाबोक इलाके से प्रीपाक (प्रो) यानी PREPAK (Pro) के कथित सक्रिय कैडर एलांगबम दिनेश सिंह (38) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने काकचिंग लामखाई निवासी पोतशंगबम बिजेन सिंह (33) को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का आरोप है कि दोनों जबरन वसूली और हथियारों के परिवहन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे।
दोनों मामलों में FIR, जांच जारी
पुलिस ने बताया कि थौबल से जुड़े मामले में थौबल पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, इंफाल पश्चिम जिले में हुई गिरफ्तारी के संबंध में लाम्फेल पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां आरोपितों की कथित गतिविधियों, उनके संपर्कों और मामलों से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
हालांकि, गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।









