धनबाद: जानिए कौन हैं मुनमुन भट्टाचार्या, जिन्हें मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026
धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए हुआ है। जानिए उनकी उपलब्धियां और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्य।

रांची। झारखंड की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्या शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान दिया जायेगा। मुनमुन ने राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए किया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से चयनित शिक्षकों की सूची जारी होने के बाद उनकी उपलब्धि सामने आई है।
झारखंड से इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए तीन शिक्षकों के नाम भेजे गए थे, जिनमें मुनमुन भट्टाचार्या का चयन हुआ है। उन्हें 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित शिक्षक को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, सिल्वर मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
कौन हैं मुनमुन भट्टाचार्या?
मुनमुन भट्टाचार्या धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया में प्रभारी प्रधानाध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। स्कूल में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई नवाचार किए।उनका जोर बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित रखने के बजाय गतिविधि आधारित और प्रयोगात्मक शिक्षा देने पर रहा। उन्होंने अपने स्तर पर टीएलएम यानी Teaching Learning Material तैयार कर बच्चों के लिए पढ़ाई को ज्यादा रोचक और प्रभावी बनाने का प्रयास किया।
सीमित संसाधनों में शिक्षा के नए प्रयोग
मुनमुन भट्टाचार्या ने विद्यालय में उपलब्ध सीमित संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए कक्षा शिक्षण में कई नए प्रयोग किए। उनका प्रयास रहा कि बच्चे केवल पाठ्यपुस्तक पढ़ने तक सीमित न रहें, बल्कि गतिविधियों के जरिए विषयों को समझें।
उन्होंने विद्यार्थियों में सीखने की रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने के लिए भी अलग-अलग गतिविधियों को बढ़ावा दिया।
शत-प्रतिशत नामांकन पर जोर
विद्यालय के पोषक क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण काम किया। उनके प्रयासों से पोषक क्षेत्र के शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया।विद्यालय में बाल संसद को सक्रिय करने का काम भी किया गया, जिससे विद्यार्थियों को नेतृत्व और जिम्मेदारी का अनुभव मिल सके।
पर्यावरण संरक्षण से बच्चों को जोड़ा
मुनमुन भट्टाचार्या ने पढ़ाई के साथ बच्चों को पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण से जोड़ने पर भी ध्यान दिया। विद्यालय परिसर में पोषण वाटिका तैयार कराई गई। इसके अलावा जल संरक्षण की व्यवस्था विकसित की गई, ताकि बच्चे पर्यावरण संरक्षण के महत्व को व्यवहारिक रूप से समझ सकें।
पुस्तकालय और कंप्यूटर आधारित शिक्षा को बढ़ावा
विद्यालय में पुस्तकालय के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ कंप्यूटर आधारित शिक्षण पर भी जोर दिया गया। तकनीक और नए शैक्षणिक तरीकों के इस्तेमाल से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाने की कोशिश की गई।इन प्रयासों का उद्देश्य विद्यालय में ऐसा माहौल तैयार करना रहा, जहां बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझ सकें।
पुरस्कार को विद्यालय परिवार को किया समर्पित
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने के बाद मुनमुन भट्टाचार्या ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरे विद्यालय परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के सहयोग के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।उन्होंने कहा कि पुरस्कार मिलने के बाद भी उनका प्रयास जारी रहेगा। उनका लक्ष्य विद्यालय का बेहतर संचालन करने के साथ बच्चों की शिक्षा के स्तर को लगातार बेहतर बनाना है।
5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार देश के उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट कार्य, नवाचार और समर्पण से अलग पहचान बनाई है। मुनमुन भट्टाचार्या का चयन भी विद्यालय में किए गए उनके शैक्षणिक नवाचार और बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रयासों के आधार पर हुआ है।अब 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में मुनमुन भट्टाचार्या को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके लिए, बल्कि धनबाद और पूरे झारखंड के लिए गौरव का विषय है।









