पिता के पास आया बेटे के अपहरण का कॉल, मांगी गई 90 लाख की फिरौती; पुलिस ने दरवाजा खोला तो अंदर बैठा मिला वही बेटा, खुला पूरा खौफनाक राज

कर्ज में डूबे 40 वर्षीय मनीष ने दो दोस्तों के साथ मिलकर रची साजिश, पिता को डराकर ऐंठना चाहता था 90 लाख; टेक्निकल सर्विलांस ने कुछ ही घंटों में खोल दी पूरी पोल

बेंगलुरु। कर्ज चुकाने के लिए एक शख्स ने ऐसा प्लान बनाया, जिसमें अपने ही परिवार को निशाना बनाकर 90 लाख रुपये ऐंठने की साजिश रच डाली। मामला बेंगलुरु का है, जहां 40 वर्षीय मनीष ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर खुद के ही अपहरण का नाटक रचा। इसके बाद उसके पिता के पास कथित अपहरणकर्ताओं का फोन पहुंचा और बेटे को जिंदा देखने के बदले 90 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। परिवार के होश उड़ गए, लेकिन पुलिस की तकनीकी निगरानी ने इस पूरी कहानी का ऐसा सच सामने ला दिया, जिसने जांच की दिशा ही बदल दी।

घर से निकला था लेनदेन का बहाना बनाकर

पुलिस के मुताबिक, मनीष 29 सितंबर की रात बेंगलुरु स्थित अपने घर से निकला था। उसने परिवार को बताया कि वह पैसों के एक लेनदेन के सिलसिले में गदग जा रहा है। उसने परिजनों से कहा था कि वह रात करीब 11:40 बजे ट्रेन पकड़ेगा और अगले दिन सुबह पहुंचकर फोन करेगा।

परिवार को उस वक्त जरा भी अंदाजा नहीं था कि घर से निकलने वाला शख्स कुछ ही घंटों बाद अपने ही अपहरण की ऐसी कहानी खड़ी करने वाला है, जिसमें उसके पिता को निशाना बनाया जाना था।

सुबह फोन आया और पिता से मांगी गई 90 लाख की फिरौती

30 सितंबर की सुबह तक जब मनीष का फोन नहीं आया तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी। इसी बीच करीब 8:30 बजे मनीष के ही मोबाइल फोन से परिवार के पास WhatsApp कॉल आया। दूसरी तरफ मौजूद शख्स ने दावा किया कि मनीष का अपहरण कर लिया गया है।

इसके बाद कथित अपहरणकर्ता ने परिवार को धमकाते हुए 90 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बेटे के अपहरण की बात सुनकर परिवार घबरा गया और मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन खंगाली तो कहानी में आया बड़ा मोड़

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस की टीम हासन जिले के बेलूर इलाके तक पहुंच गई। तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस एक गांव स्थित मकान तक पहुंची, जहां मनीष के होने की जानकारी मिली।

1 अक्टूबर की सुबह पुलिस ने वहां छापेमारी की। इसके बाद जो सामने आया, उसने पूरे अपहरण के नाटक की पोल खोल दी। मनीष वहां सही-सलामत मिला। यानी जिस व्यक्ति के अपहरण के नाम पर उसके पिता से 90 लाख रुपये मांगे जा रहे थे, वह खुद ही पूरी साजिश में शामिल था।

दो दोस्तों के साथ मिलकर रचा था पूरा खेल

पुलिस के मुताबिक, मनीष अकेले इस साजिश को अंजाम नहीं दे रहा था। उसके दो दोस्त भी कथित तौर पर इस फर्जी अपहरण की योजना में शामिल थे। पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि मनीष हाल में एक बिजनेस ट्रांजैक्शन में हुए बड़े आर्थिक नुकसान के बाद कर्ज में फंस गया था। उस पर कर्ज का दबाव बढ़ता जा रहा था और वह जल्द से जल्द रकम जुटाने का रास्ता तलाश रहा था।

कर्ज ने बनाया ऐसा प्लान, पिता को ही बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, जब मनीष को कर्ज चुकाने का कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण का नाटक रचने की योजना बनाई। उसका कथित मकसद अपने पिता को यह विश्वास दिलाना था कि वह अपहरणकर्ताओं के कब्जे में है और उसकी रिहाई के लिए 90 लाख रुपये देने होंगे।

लेकिन योजना के मुताबिक सब कुछ होने से पहले ही पुलिस की तकनीकी निगरानी ने पूरी कहानी पकड़ ली। मनीष को उसके दोस्तों के साथ पकड़ लिया गया और कथित अपहरण का पूरा ड्रामा सामने आ गया।

फिलहाल पुलिस ने मनीष और उसके दोनों साथियों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं और 90 लाख रुपये की फिरौती की मांग के पीछे पूरी योजना किस तरह तैयार की गई थी।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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