सड़क पर बिखरा खिलौना, मां-बेटे की दर्दनाक मौत… तीन मासूमों के सवाल ने सबको रुलाया, दशहरा मनाकर लौटते वक्त उजड़ गई दुनिया
Jharkhand News: हजारीबाग के बरही चौक पर दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से मां और 4 साल के बेटे की मौत। मां और भाई को खोने के बाद तीन मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, बार-बार पूछते रहे- मां और भाई कहां गए?

हजारीबाग। दशहरा की खुशियां मनाकर मायके से ससुराल लौट रही एक मां और उसके चार साल के बेटे की जिंदगी रास्ते में ही खत्म हो गई। झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही चौक पर बुधवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सड़क पार करते समय तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से उर्मिला देवी और उनके बेटे दीपांशु कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। पीछे रह गए तीन मासूम बच्चे अपनी मां और छोटे भाई को तलाशते रहे। उनके मासूम सवाल सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
एक पल में छिन गईं मां और छोटे भाई की खुशियां
मृतकों की पहचान बिहार के बाराचट्टी स्थित केवालिया मोड़ निवासी दिनेश कुमार सिंह की पत्नी उर्मिला देवी और उनके चार वर्षीय बेटे दीपांशु कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, उर्मिला अपने चार बच्चों शिवानी कुमारी, शुभम कुमार, सत्यम कुमार और दीपांशु के साथ टाटीझरिया के खैराकरमा गांव स्थित मायके में दशहरा मनाने गई थीं।
बुधवार को वह बच्चों के साथ वापस ससुराल लौट रही थीं। रास्ते में हजारीबाग के बरही चौक पर उन्हें सड़क पार करनी थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर लौटने का यह सफर परिवार के लिए जिंदगी का सबसे दर्दनाक दिन बन जाएगा।
छोटे बेटे को लेने वापस लौटी मां, तभी आ गया ट्रेलर
बताया जा रहा है कि बरही चौक पर उर्मिला अपने तीन बच्चों शिवानी, शुभम और सत्यम के साथ सड़क पार कर गई थीं। दूसरी तरफ पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनका चार साल का बेटा दीपांशु पीछे ही रह गया है।
छोटे बेटे को अकेला देखकर मां ने अपने तीनों बच्चों को एक तरफ रुकने के लिए कहा और उसे लेने वापस चली गईं। इसके बाद वह दीपांशु को लेकर सड़क पार कर रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेलर ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि उर्मिला और दीपांशु को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
सड़क पर पड़ा खिलौना और तीन मासूमों के सवाल
हादसे के बाद बरही चौक पर चीख-पुकार मच गई। सड़क पर बच्चे का खिलौना बिखरा पड़ा था। एक तरफ मां और छोटे भाई की मौत का मातम था, तो दूसरी तरफ तीन मासूम बच्चे इस बात से अनजान थे कि उनकी जिंदगी में इतना बड़ा दुख आ चुका है।
मां और भाई से बिछड़े बच्चे लगातार रोते रहे। वे आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों से बार-बार पूछ रहे थे कि उनकी मां और भाई कहां चले गए। बच्चों को इस तरह बिलखते देखकर वहां मौजूद लोगों का दिल भी भर आया। आसपास के लोग उन्हें संभालने और चुप कराने की कोशिश करते रहे।
पुलिस ने ट्रेलर जब्त कर शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बिनोद कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बरही पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। साथ ही परिजनों को घटना की सूचना दी गई।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को जब्त कर लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के बाद बरही चौक पर सड़क अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चलाया गया।
दशहरा मनाकर घर लौट रहे परिवार के लिए यह सफर कभी न भूलने वाला दर्द बन गया। उर्मिला अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले जाना चाहती थीं, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने तीन मासूमों से उनकी मां और छोटे भाई को छीन लिया। बरही चौक की यह घटना एक बार फिर सड़क पर सावधानी और यातायात सुरक्षा की जरूरत को सामने लाती है।









