शिक्षकों की खबर : 2912 फर्जी शिक्षक पकड़ाये, सर्टिफिकेट जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा, 1707 के खिलाफ FIR दर्ज

Teacher news: 2,912 fake teachers arrested, certificate verification reveals fraud, FIR filed against 1,707

Teacher News : शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की जांच में बड़े फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। अब तक की जांच में 2,912 शिक्षक के फर्जी दस्तावेज पकड़ में आये हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही इन्होंने नियुक्ति पायी थी। बिहार सरकार के आदेश पर राज्य भर में शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच चल रही है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच जारी है और 1,707 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की आशंका है।

 

ब्यूरो से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर 2025 तक इस मामले में कुल 1,707 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। यह आंकड़ा बताता है कि फर्जी डिग्री और प्रमाण-पत्रों के जरिए सरकारी नौकरी पाने का खेल लंबे समय से संगठित रूप में चल रहा था।अब तक कुल 6 लाख 46 हजार 796 शिक्षकों के मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की जांच पूरी कर ली गई है।

 

यह जांच चरणबद्ध तरीके से की जा रही है और हर महीने इसकी समीक्षा की जा रही है, ताकि प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई न हो। सरकार और निगरानी विभाग दोनों ही इस मामले को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं, क्योंकि इससे न केवल शिक्षा व्यवस्था की साख प्रभावित होती है, बल्कि योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों का भी हनन होता है।

 

2025 में भी जारी रही कार्रवाई

वर्ष 2025 में भी फर्जी प्रमाण-पत्रों से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की गई है। इस साल अब तक राज्य के अलग-अलग जिलों में 126 नई प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में सबसे अधिक 21 मामले सामने आए, जबकि जनवरी में 16 और नवंबर में 15 प्राथमिकी दर्ज हुईं। इससे साफ है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे फर्जीवाड़े के नए मामले उजागर हो रहे हैं।

 

संगठित रैकेट का खुलासा

जांच के दौरान कई मामलों में विश्वविद्यालयों और बोर्डों से प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के समय बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। निगरानी ब्यूरो के अनुसार, कुछ गिरोह वर्षों से सक्रिय थे, जो फर्जी डिग्रियों और प्रमाण-पत्रों के सहारे अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का काम कर रहे थे। इन रैकेटों के तार राज्य के बाहर तक जुड़े होने की भी आशंका जताई जा रही है। कुछ मामलों में संबंधित संस्थानों और एजेंटों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है।

 

बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई तय

निगरानी ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद जिन शिक्षकों की बहाली फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पाई जाएगी, उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। इसके साथ-साथ उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे भी चलाए जाएंगे। विभाग का मानना है कि सख्त कार्रवाई से भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच प्रक्रिया जारी है और जैसे-जैसे बाकी बचे प्रमाण-पत्रों का सत्यापन होगा, वैसे-वैसे फर्जी प्रमाण-पत्रों पर बहाल शिक्षकों की संख्या और बढ़ सकती है।

ashrita

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