रांची : पंचायत सहायक संघ ने मासूम अंश-अंशिका की कुशलता को लेकर जतायी चिंता, ढूंढकर लाने वालों के लिए 21000 रुपये ईनाम की घोषणा

Ranchi: The Panchayat Assistants Association expressed concern over the well-being of innocent children Ansh and Anshika, and announced a reward of Rs. 21,000 for anyone who finds them.

रांची। धुर्वा क्षेत्र से लापता मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की कुशलता को लेकर हर कोई चिंतित है। पुलिस-प्रशासन के अलावे अब अलग-अलग संगठन भी बच्चों की सकुशल वापसी को लेकर काफी चिंतिंत है। इसी कड़ी में अब पंचायत सहायक संघ झारखंड प्रदेश सक्रिय हो गया है।

प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार की अगुवाई में हुई राज्य स्तरीय गूगल मीटिंग में बच्चों की तलाश के लिए जमीनी स्तर पर अभियान चलाने और खोज में मदद करने वालों को 21 हजार रुपये का इनाम देने का निर्णय लिया गया।

राज्य स्तरीय पंचायत सहायक संघ की आज मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को सुबह 12 बजे से अहम बैठक हुई। संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार की अध्यक्षता में हुई आनलाइन बैठक मंो झारखंड प्रदेश के सभी जिला अध्यक्ष, प्रखंड अध्यक्ष और प्रदेश कमेटी के सदस्य शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बच्चों की तलाश को लेकर संगठन के सभी सदस्य एकजुट होकर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने कहा कि अंश और अंशिका की सुरक्षित वापसी केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर जागरूक व्यक्ति को इसमें सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने पंचायत सहायक संघ के सभी सदस्यों से अपील की कि वे जमीनी स्तर पर उतरकर बच्चों की खोज में हरसंभव मदद करें। इसके तहत गांव-गांव, टोला-मोहल्लों में लोगों को सतर्क किया जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जानकारी को तुरंत पुलिस और जिला प्रशासन तक पहुंचाया जाए।

संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की तलाश में पंचायत सहायक संघ पुलिस और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे निरंतर प्रयास करेंगे ताकि अंश और अंशिका जल्द से जल्द सकुशल अपने परिवार तक वापस पहुंच सकें।

इस मानवीय प्रयास में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और हर संभव संसाधन का उपयोग किया जाएगा।

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने और उनकी तलाश को तेज करने के उद्देश्य से अंश और अंशिका की तस्वीरें, उनसे जुड़ी खबरों की प्रतियां और प्रशासन के संपर्क नंबर सभी जिला एवं प्रखंड स्तर के सदस्यों के बीच सर्कुलेट कर दिए गए हैं।

पंचायत सहायक अपने-अपने क्षेत्रों में इन तस्वीरों और सूचनाओं को साझा कर रहे हैं, ताकि अगर कहीं बच्चों के बारे में कोई सुराग मिले तो तुरंत कार्रवाई की जा सके।

प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने कहा कि पंचायत सहायक संघ का नेटवर्क राज्य के लगभग हर पंचायत तक फैला हुआ है, जिसका उपयोग बच्चों की तलाश में किया जाएगा। उन्होंने सभी जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के सहायकों से अपील की कि वे अपने आसपास के इलाकों में सतर्क नजर रखें और लोगों को भी जागरूक करें।

बैठक के अंत में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए संघ ने घोषणा की कि जो व्यक्ति अंश और अंशिका को खोजने में सफल होगा या उनकी सुरक्षित बरामदगी में अहम भूमिका निभाएगा, उसे पंचायत सहायक संघ झारखंड प्रदेश की ओर से 21,000 रुपये की नगद पुरस्कार राशि दी जाएगी।

यह इनाम राशि बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से घोषित की गई है।

संघ के सदस्यों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दोनों मासूम जल्द से जल्द सुरक्षित अपने परिवार के पास लौटें। पंचायत सहायक संघ ने भरोसा दिलाया है कि जब तक बच्चे नहीं मिल जाते, तब तक उनका यह प्रयास और अभियान पूरी मजबूती से जारी रहेगा।

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