झारखंड: पिता पर हुआ एक्शन, तो भड़की अंबा प्रसाद, कहा, ये अबुआ सरकार है या बबुआ सरकार, आत्मसम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं…
Jharkhand: Amba Prasad got furious when action was taken against her father, saying, "Is this Abhu government or Babua government? Tampering with self-respect is not tolerated..."

झारखंड में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के घर ध्वस्तीकरण और निष्कासन को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अम्बा प्रसाद ने पार्टी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे दबाव में लिया गया निर्णय बताया और एनटीपीसी पर भी गंभीर आरोप लगाए।
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रांची। झारखंड की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के घर को ध्वस्त करने और उनकी पार्टी से निष्कासन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस पूरे मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और पार्टी के साथ-साथ अन्य नेताओं पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
रांची में प्रेस कांफ्रेंस कर अम्बा प्रसाद ने कहा कि उनके पिता को पार्टी से गलत तरीके से निकाला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की अनुशासन समिति द्वारा की गई कार्रवाई दबाव में ली गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी से निष्कासन से पहले उनका पक्ष क्यों नहीं सुना गया। उन्होंने यह भी कहा कि जब पार्टी के अन्य विधायक मंत्रियों पर सार्वजनिक टिप्पणी करते हैं, तब उनके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती।
पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश नेतृत्व को इस बात से आपत्ति थी कि उन्होंने केंद्रीय नेताओं से मुलाकात क्यों की। उन्होंने कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा और झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वह कब उनके साथ खड़ी रही।
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बड़कागांव स्थित घर के ध्वस्तीकरण को लेकर भी अम्बा प्रसाद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि NTPC Limited ने कार्रवाई के दौरान अदालत के आदेशों की अवहेलना की और जल्दबाजी में घर तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान परिवार को घर से सामान निकालने तक का समय नहीं दिया गया और उनकी मां को असम्मानजनक स्थिति में बाहर निकाला गया।
उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्हें यह सब दिखाई नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एनटीपीसी सरकार के संरक्षण में काम कर रही है और जहां भूमि अधिग्रहण कानून (LARR) लागू होना चाहिए था, वहां दूसरे प्रावधानों का इस्तेमाल किया गया।
अम्बा प्रसाद ने कहा कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े सभी साक्ष्य मौजूद हैं और वे इन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष रखेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस लड़ाई को जारी रखेंगी और विस्थापितों के हक के लिए संघर्ष करती रहेंगी।









