काशी में एक इशारे ने बढ़ाई सियासी हलचल, PM मोदी की पीठ थपथपाते ही टिकट को लेकर तेज हुई चर्चाएं

मंदिर परिसर में मुलाकात के दौरान खास संकेत, वाराणसी की सबसे चर्चित सीट पर बढ़ा सस्पेंस


उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनाव से पहले हलचल तेज होती नजर आ रही है, और इस बार वाराणसी से एक ऐसा इशारा सामने आया है जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया काशी दौरे के दौरान हुई एक छोटी सी घटना अब बड़े सियासी संकेत के तौर पर देखी जा रही है।

28 और 29 अप्रैल को वाराणसी दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने Kashi Vishwanath Temple में दर्शन-पूजन किया। इसी दौरान मंदिर परिसर में मौजूद स्थानीय विधायकों से उन्होंने मुलाकात की और क्षेत्र की स्थिति को लेकर बातचीत भी की। लेकिन इस मुलाकात में एक पल ऐसा आया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया।

मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने दक्षिणी सीट से विधायक Neelkanth Tiwari की पीठ ठोकी और मुस्कुराते हुए उनसे बातचीत की। यह सामान्य सा दिखने वाला इशारा अब वाराणसी की सियासत में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। चर्चाएं तेज हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह एक तरह का समर्थन या इशारा हो सकता है।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर विधायक ने खुद कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। उनकी ओर से सिर्फ इतना कहा गया कि प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय जनता के हालचाल के बारे में सामान्य बातचीत की थी। लेकिन इसके बावजूद सियासी गलियारों में अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा।

वाराणसी की दक्षिणी विधानसभा सीट को जिले की सबसे चर्चित और हॉट सीट माना जाता है। पिछले एक दशक में Bharatiya Janata Party ने यहां मजबूत पकड़ बनाए रखी है, लेकिन इस सीट पर मुकाबला हमेशा कांटे का रहा है। विपक्षी दल भी इस क्षेत्र पर खास नजर रखते हैं।

ऐसे में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में हुआ यह छोटा सा इशारा अब बड़ा राजनीतिक संदेश बनता दिख रहा है। आने वाले समय में यह साफ होगा कि यह सिर्फ एक सामान्य मुलाकात थी या फिर आने वाले चुनावों के लिए कोई बड़ा संकेत। फिलहाल, वाराणसी की सियासत में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।

 

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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