Biography of Abhijeet Dipke: अभिजीत डिपके कौन हैं? जानिए शिक्षा, करियर, आंदोलन और निजी जीवन

Biography of Abhijeet Dipke: अभिजीत दिपके (जन्म: 29 सितंबर 1995) एक भारतीय राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक हैं। उन्होंने मई 2026 में इस आंदोलन की शुरुआत एक ऑनलाइन व्यंग्य अभियान के रूप में की थी, जो बाद में देशव्यापी युवा आंदोलन में बदल गया। यह आंदोलन मुख्य रूप से युवा बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा में आया।
प्रारंभिक जीवन
अभिजीत दिपके का जन्म 29 सितंबर 1995 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक दलित परिवार में हुआ। उनके पिता भगवानराव दिपके महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं, जबकि उनकी माता अनीता दिपके गृहिणी हैं।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा औरंगाबाद से पूरी की। इसके बाद उन्होंने एसबी कॉलेज में पढ़ाई की। शुरुआत में उन्होंने इंजीनियरिंग में दाखिला लिया, लेकिन बाद में यह पाठ्यक्रम छोड़कर पुणे से पत्रकारिता एवं जनसंचार (Journalism and Mass Communication) की पढ़ाई की।
उच्च शिक्षा के लिए वे अमेरिका गए, जहां उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से जनसंपर्क (Public Relations) में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की डिग्री प्राप्त की।
करियर की शुरुआत
अभिजीत दिपके ने वर्ष 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में स्वयंसेवक के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में युवाओं को आकर्षित करने के लिए मीम आधारित डिजिटल कंटेंट तैयार किया।
इसके अलावा उन्होंने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में संचार सलाहकार (Communication Advisor) के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2023 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने से पहले उन्होंने पार्टी की मीडिया टीम छोड़ दी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की स्थापना
15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई। अगले दिन अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “क्या होगा अगर सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएं?”
यही पोस्ट बाद में वायरल हो गई और उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन मंच की शुरुआत की। कुछ ही दिनों में इस मंच ने लाखों युवाओं का समर्थन हासिल कर लिया। इसके बाद वेबसाइट, सदस्यता अभियान और सोशल मीडिया के माध्यम से यह एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेने लगा।
आंदोलन और विरोध प्रदर्शन
जून 2026 में भारत लौटने के बाद अभिजीत दिपके ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व किया। आंदोलन का मुख्य मुद्दा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार था।
आंदोलन के दौरान हजारों छात्र और युवा उनके समर्थन में सड़कों पर उतरे। जुलाई 2026 में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। इसके बाद अभिजीत दिपके ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की, हालांकि सुरक्षा कारणों से आगे के सड़क मार्च कुछ समय के लिए स्थगित कर दिए गए।
विचारधारा
अभिजीत दिपके का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि युवाओं का एक लोकतांत्रिक मंच है। उनका उद्देश्य युवाओं को रोजगार, शिक्षा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेह शासन जैसे मुद्दों पर संगठित करना है।
आंदोलन के प्रमुख प्रस्तावों में शामिल हैं—
- प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार।
- पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई।
- युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना।
- संसद और मंत्रिमंडल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
- न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक नियुक्तियों पर रोक।
- मीडिया स्वामित्व में पारदर्शिता।
अभिजीत दिपके ने कई अवसरों पर डॉ. भीमराव अंबेडकर को अपने राजनीतिक और सामाजिक विचारों की प्रमुख प्रेरणा बताया है।
विवाद और चुनौतियां
कॉकरोच जनता पार्टी की लोकप्रियता बढ़ने के बाद अभिजीत दिपके ने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को कई धमकियां मिलीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कथित धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट भी साझा किए।
जुलाई 2026 में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने उन पर नीली स्याही फेंक दी। महिला ने आंदोलन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया था।
निजी जीवन
अमेरिका में पढ़ाई के दौरान अभिजीत दिपके बोस्टन (मैसाचुसेट्स) में रहते थे। जून 2026 में वे भारत लौटे और आंदोलन का नेतृत्व किया। आंदोलन के तेजी से बढ़ने के बाद उनके माता-पिता ने सार्वजनिक रूप से उनकी सुरक्षा और राजनीतिक सक्रियता को लेकर चिंता भी व्यक्त की।









