Biography of Sourav Das: कौन हैं CJP के मुख्य प्रवक्ता? जानिए उम्र, शिक्षा, करियर और निजी जीवन

Biography of Sourav Das: सौरव दास एक भारतीय खोजी पत्रकार, आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता, कानूनी शोधकर्ता और पारदर्शिता अभियान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे जून 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता बनने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए। छात्र अधिकारों, प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार, सरकारी जवाबदेही और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें युवाओं के बीच एक प्रमुख चेहरा बनाया है।
सौरव दास का परिचय
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | सौरव दास |
| जन्म तिथि | 28 जनवरी 2000 |
| आयु | 26 वर्ष |
| जन्म स्थान | नई दिल्ली, भारत |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिंदू |
| शिक्षा | बैचलर ऑफ आर्ट्स (जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन), एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा (2016–2019) |
| पेशा | खोजी पत्रकार, RTI कार्यकर्ता, कानूनी शोधकर्ता, CJP के मुख्य प्रवक्ता |
| वैवाहिक स्थिति | अविवाहित |
| पहचान | कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता |
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
सौरव दास का जन्म 28 जनवरी 2000 को नई दिल्ली में हुआ। बचपन से ही उनकी रुचि सामाजिक मुद्दों, शासन व्यवस्था और पारदर्शिता से जुड़े विषयों में रही। उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से वर्ष 2016 से 2019 के बीच जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
कॉलेज के दौरान ही उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) कानून का उपयोग करना शुरू कर दिया। मात्र 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने कई आरटीआई आवेदन दायर कर प्रशासनिक कमियों और जवाबदेही से जुड़े मामलों को उजागर किया, जिससे वे राष्ट्रीय मीडिया की नजर में आए।
पत्रकारिता करियर
सौरव दास ने अपने करियर की शुरुआत दिसंबर 2018 से जनवरी 2019 के बीच NDTV के न्यूज़ डेस्क में इंटर्नशिप से की। इसके बाद अगस्त 2020 में उन्होंने स्वतंत्र खोजी पत्रकार के रूप में काम शुरू किया।
उन्होंने कानून, न्यायपालिका, पुलिस व्यवस्था, अपराध, शासन और पारदर्शिता जैसे विषयों पर कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के लिए लेख लिखे। इनमें द कारवां, अल जज़ीरा, द वायर, द हिंदू, आर्टिकल 14, न्यू लाइन्स मैगज़ीन, द क्विंट, बूम लाइव, फर्स्टपोस्ट, लाइव लॉ और फ्रंटलाइन जैसी संस्थाएं शामिल हैं।
न्यायपालिका और पुलिस जवाबदेही पर उनकी खोजी रिपोर्टिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली और उन्हें पुलित्ज़र सेंटर से अनुदान (Grant) प्राप्त हुआ।
RTI और कानूनी सक्रियता
सौरव दास ने केवल पत्रकारिता तक ही खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि सूचना के अधिकार और जनहित याचिकाओं (PIL) के माध्यम से भी पारदर्शिता की लड़ाई लड़ी। वर्ष 2020 में उन्होंने एक कानूनी हस्तक्षेप के जरिए केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को महामारी से जुड़े मामलों की लंबित अपीलों पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कई ऐसे मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ी जिनका संबंध सरकारी जवाबदेही, पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों से था।
निजी क्षेत्र में अनुभव
वर्ष 2021 से 2023 के बीच उन्होंने निजी क्षेत्र में भी कार्य किया। इस दौरान वे Monks में वीडियो पोस्ट-प्रोड्यूसर और बाद में GLG में कंटेंट एसोसिएट रहे, जहां उन्होंने अमेरिकी कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल और बिजनेस रिसर्च पर काम किया।
उन्होंने Climate Action Front की सह-स्थापना भी की, जिसके माध्यम से पर्यावरणीय पारदर्शिता और जलवायु संबंधी मुद्दों पर कार्य किया।
पुरस्कार और सम्मान
सौरव दास को वर्ष 2024 में यंग इंडिया फाउंडेशन द्वारा “दुनिया के सबसे बड़े चुनावों में बदलाव लाने वाले 30 युवा भारतीयों” की सूची में शामिल किया गया।
इसके अलावा न्यायपालिका और पुलिस जवाबदेही पर उनकी खोजी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें Pulitzer Center का ग्रांट भी प्राप्त हुआ।
CJP में भूमिका
जून 2026 में सौरव दास को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया। इस भूमिका में उन्होंने छात्र अधिकारों, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और NEET-UG पेपर लीक जैसे मुद्दों पर आंदोलन का नेतृत्व करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलनों के दौरान CJP का प्रतिनिधित्व किया और केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में भी संगठन की ओर से भाग लिया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग को प्रमुखता से उठाया।
पुस्तक लेखन
सौरव दास वर्तमान में अपनी पहली पुस्तक “Complicit Silence: The Court’s Role in India’s Quiet Suffering” पर कार्य कर रहे हैं। इस पुस्तक में भारत की न्यायपालिका और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े विषयों का विश्लेषण किया गया है।
निजी जीवन
सौरव दास नई दिल्ली में रहते हैं और अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। वे व्यावसायिक ब्रांडिंग की बजाय शोध, लेखन और जनहित से जुड़े अभियानों पर अधिक ध्यान देते हैं।
खाली समय में उन्हें पढ़ना, यात्रा करना, योग करना, तैराकी, नृत्य और नियमित रूप से जिम जाना पसंद है।
निष्कर्ष
सौरव दास ने एक खोजी पत्रकार और RTI कार्यकर्ता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। पत्रकारिता, कानूनी शोध और पारदर्शिता के क्षेत्र में उनके कार्यों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। CJP के मुख्य प्रवक्ता बनने के बाद वे छात्र अधिकारों, परीक्षा सुधार और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों पर सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उनकी खोजी पत्रकारिता, कानूनी सक्रियता और सामाजिक सरोकार उन्हें समकालीन युवा सार्वजनिक हस्तियों में एक महत्वपूर्ण नाम बनाते हैं।









