ग्लोबल पटरियों पर दौड़ेगी ‘मेड इन इंडिया’ वंदे भारत: अमेरिका, श्रीलंका समेत कई देश कतार में, स्टैंडर्ड-गेज पर काम शुरू
'Made in India' Vande Bharat to run on global tracks: Many countries, including the US and Sri Lanka, are in line; work on standard-gauge version begins.

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहने वाली है। अपनी आधुनिक सुविधाओं, हवाई जहाज जैसे इंटीरियर और हाई-स्पीड परफॉर्मेंस के दम पर देश भर में वाहवाही लूटने के बाद अब यह ट्रेन अंतरराष्ट्रीय पटरियों पर सरपट दौड़ने की तैयारी में है।
भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी कंपनी RITES (राइट्स) और भारतीय रेलवे मिलकर विदेश भेजने के अनुकूल स्टैंडर्ड-गेज (Standard-Gauge) वंदे भारत के प्रोटोटाइप का डिजाइन तैयार कर रहे हैं।
क्यों बदला जा रहा है ट्रैक का ढांचा
अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए वंदे भारत के डिजाइन में बदलाव किया जा रहा है।
- ब्रॉड-गेज (Broad Gauge): भारत में वर्तमान वंदे भारत ट्रेनें ब्रॉड-गेज नेटवर्क पर चलती हैं, जिनकी पटरियों के बीच की दूरी 1,676 मिमी (5 फीट 6 इंच) होती है।
- स्टैंडर्ड-गेज (Standard Gauge): दुनिया के ज्यादातर देशों (चीन, जापान, अमेरिका और यूरोपीय देशों) में हाई-स्पीड, सेमी-हाई-स्पीड और मेट्रो नेटवर्क के लिए पटरियों की दूरी 1,435 मिमी (4 फीट 8.5 इंच) होती है।
वैश्विक मानकों के हिसाब से तालमेल बिठाने के लिए भारतीय रेलवे अब स्टैंडर्ड-गेज प्लेटफॉर्म पर नया प्रोटोटाइप तैयार कर रहा है।
किफायती तकनीक बनी सबसे बड़ी वजह
विदेशों में वंदे भारत की मांग लगातार बढ़ रही है। इसकी मुख्य वजह इसका किफायती (Cost-Effective) होना है।
- लागत :- लगभग ₹130 – 150 करोड़ (16-कोच सेट)
- खासियत :- कम लागत में सेमी-हाई-स्पीड अनुभव
- मांग क्षेत्र :- विकासशील व विकसित दोनों देश
इन देशों ने दिखाई दिलचस्पी
वंदे भारत को खरीदने की रेस में भारत के पड़ोसी देश ही नहीं, बल्कि पश्चिमी देश भी शामिल हैं।
- पड़ोसी देश: नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका।
- अन्य वैश्विक देश: अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, मलेशिया, अर्जेंटीना और चिली जैसे देशों ने भारत की इस सेमी-हाई-स्पीड तकनीक की सराहना करते हुए इसे खरीदने में रुचि दिखाई है।
स्टैंडर्ड-गेज वर्जन तैयार होते ही भारतीय रेलवे अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाएगी।









