FSSAI का बड़ा एक्शन: एवरेस्ट और लालजी गोधू की हींग की बिक्री पर तुरंत रोक, जांच में सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए गए
Major action by FSSAI: Immediate ban on the sale of Everest and Lalji Godhu asafoetida (hing) after samples were found to be sub-standard during testing.

नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने प्रमुख मसाला ब्रांड एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स (Everest) और लालजी गोधू एंड कंपनी (LG) की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सरकारी प्रयोगशाला में हुई जांच के दौरान इन कंपनियों के हींग के सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट में मिली भारी कमी
खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, बाजार में बिकने वाली कंपाउंडेड हींग में असली हींग की मौजूदगी दर्शाने वाला अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट कम से कम 5% होना अनिवार्य है। हालांकि, FSSAI की प्रयोगशाला जांच में यह मात्रा गंभीर रूप से कम पाई गई:
- एवरेस्ट के सैंपल: एक सैंपल में यह मात्रा शून्य (0%) मिली, जबकि पीली हींग में 3.29% और काली हींग में 4.4% ही दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि उत्पादों में असली हींग की मात्रा तय मानक से 30% से 40% तक कम रखी गई थी।
- लालजी गोधू के सैंपल: कंपनी की कंपाउंडेड हींग में गुणवत्ता की कमी के साथ-साथ, इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कच्ची हींग की 6 किस्मों में स्टार्च की मात्रा तय सीमा (अधिकतम 1%) के मुकाबले 15% से 32% तक पाई गई।
क्या होता है अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट
बाजार में मिलने वाली कंपाउंडेड हींग शुद्ध हींग नहीं होती, बल्कि इसमें स्टार्च, आटा और गोंद जैसे तत्व मिलाए जाते हैं। अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट का पैमाना यह दर्शाता है कि मिश्रण में असली हींग का हिस्सा कितना है। इसकी मात्रा कम होने का सीधा मतलब उत्पाद में असली हींग की मिलावट या कमी होना है।
अन्य मसालों और पुराने विवादों पर FSSAI का रुख
FSSAI के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि एवरेस्ट के कुछ अन्य उत्पादों, जैसे चिकन मसाला, गरम मसाला और एग करी पाउडर, में भी लेबलिंग और गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई गई हैं।
इससे पहले, साल 2024 में भी सिंगापुर और हांगकांग में एवरेस्ट और एमडीएच के कुछ मसालों में हानिकारक ‘एथिलीन ऑक्साइड’ मिलने के कारण सवाल उठे थे। हालांकि, मौजूदा कार्रवाई पूरी तरह से हींग के गुणवत्ता मानकों और मिलावट से जुड़ी हुई है।
कंपनी को देना होगा एक्शन प्लान
FSSAI ने दोनों कंपनियों के खिलाफ बिक्री और निर्माण पर अगले आदेश तक प्रतिबंध जारी रखते हुए उनसे विस्तृत एक्शन प्लान मांगा है। कंपनियों को यह साबित करना होगा कि भविष्य में वे सिर्फ तय मानकों के अनुसार ही उत्पाद तैयार करेंगी। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में लाइसेंस रद्द करने जैसी आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।









