झारखंड ACB Court: रिश्वतखोर BSO को 5 साल की सजा, 25 हजार का जुर्माना; 3 हजार लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे
Jharkhand ACB Court: Corrupt BSO sentenced to 5 years in prison and fined ₹25,000; he was caught red-handed accepting a bribe of ₹3,000.

पलामू। पलामू जिला व्यवहार न्यायालय स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष अदालत ने रिश्वतखोरी के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश राजकुमार मिश्र की अदालत ने अनाज के उठाव के बदले अवैध राशि मांगने के आरोपी विश्रामपुर के तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) रमेशचंद्र प्रसाद को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।अदालत ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर उन्हें अतिरिक्त 3 महीने के सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
धारा 7 के तहत भी दोषी, 4 साल की सजा
अदालत ने रमेशचंद्र प्रसाद को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत भी दोषी ठहराया। इस मामले में कोर्ट ने उन्हें 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।अर्थदंड नहीं देने पर इसके तहत भी 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
प्रति क्विंटल 10 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
यह मामला वर्ष 2014 का है। विश्रामपुर निवासी मोनीर आलम ने तत्कालीन BSO रमेशचंद्र प्रसाद के खिलाफ ACB (तत्कालीन निगरानी विभाग) में लिखित शिकायत की थी।शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अधिकारी खाद्यान्न उठाव के एवज में प्रति क्विंटल 10 रुपये के हिसाब से रिश्वत मांग रहे हैं।
3 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए थे
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने जाल बिछाया। 17 अक्टूबर 2014 को शिकायतकर्ता से जब 3 हजार रुपये रिश्वत ली जा रही थी, उसी दौरान ACB की टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में रमेशचंद्र प्रसाद को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद निगरानी थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। करीब 12 साल पुराने इस भ्रष्टाचार मामले में अब पलामू की ACB विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है।









