“31 गिरफ्तारियां तो सिर्फ शुरुआत? JPSC-JSSC परीक्षा घोटाले में CID की जांच पहुंची इस कड़ी तक, अब कई नाम रडार पर”

22 जुलाई से 31 अगस्त के बीच CID ने की कार्रवाई; JPSC मामले में 24 और JSSC-CGL में 7 आरोपी गिरफ्तार, आयोग से लेकर परीक्षा एजेंसी, बिचौलियों और सफल अभ्यर्थियों तक पहुंची जांच

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, 22 जुलाई से 31 अगस्त 2026 के बीच कुल 31 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इनमें JPSC से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, परीक्षा संचालन एजेंसी के लोग, कथित बिचौलिए और परीक्षा में सफल अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े 24 आरोपी, जबकि JSSC-CGL मामले में 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

JPSC मामले में 24 गिरफ्तार, कई नाम जांच के घेरे में

CID की कार्रवाई में पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते, JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, TDPL के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार, श्वेता कुमारी गुप्ता पर परीक्षा की गोपनीय प्रक्रिया और OMR से संबंधित संवेदनशील जानकारी साझा करने में कथित भूमिका का आरोप है।

वहीं TDPL से जुड़े कई कर्मचारियों पर परीक्षा संचालन, डेटा प्रोसेसिंग और तकनीकी व्यवस्था से संबंधित कथित अनियमितताओं में भूमिका की जांच की गई है।

अभय तिवारी को बताया जा रहा नेटवर्क की अहम कड़ी

CID की जांच में मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी का नाम कथित परीक्षा गड़बड़ी नेटवर्क की अहम कड़ी के तौर पर सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार, वह अभ्यर्थियों और परीक्षा से जुड़े लोगों के संपर्क में था।

अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी को भी 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर कथित तौर पर परीक्षा में अनियमितता से जुड़े नेटवर्क में शामिल होने के आरोप हैं।

सफल अभ्यर्थी और कथित बिचौलिये भी गिरफ्त में

CID की कार्रवाई सिर्फ आयोग और परीक्षा एजेंसी तक सीमित नहीं रही। जांच में कथित तौर पर अनुचित साधनों का लाभ लेकर परीक्षा में सफल होने वाले कुछ अभ्यर्थियों और बिचौलियों की भूमिका भी सामने आई है।

सुमन सौरभ, उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार समेत कई सफल अभ्यर्थियों के नाम गिरफ्तारी सूची में हैं। वहीं उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार को कथित बिचौलिये के तौर पर गिरफ्तार किया गया है।

JPSC सदस्य के निजी सहायक ब्रज कुमार राम पर भी अभ्यर्थियों से कथित पैसों के लेनदेन और परीक्षा में लाभ दिलाने का आरोप है। जांच में करीब 40 लाख रुपये की कथित वसूली से जुड़े प्रमाण मिलने की बात कही गई है।

JSSC-CGL मामले में भी 7 गिरफ्तार

JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान CID ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इनमें परीक्षा संचालन से जुड़े सोमांश प्रकाश, उसके सहयोगी राहुल कुमार और परीक्षा में कथित अनियमितता का लाभ लेने के आरोपी सफल अभ्यर्थी दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह शामिल हैं। समीर कुमार को भी JSSC-CGL कांड संख्या 01/2025 में गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली से भी हुई गिरफ्तारियां

CID की कार्रवाई का दायरा झारखंड से बाहर तक पहुंचा। JSSC-CGL मामले में सोमांश प्रकाश और उसके सहयोगी राहुल कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं JPSC मामले में TDPL से जुड़े रक्षक सिंह को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया गया।

31 गिरफ्तारियों के बाद भी जांच जारी

सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि क्या गिरफ्तारी का आंकड़ा यहीं रुकने वाला है? CID कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है और कई संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसी के अनुसार, जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलेंगे, उनके खिलाफ आगे गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में JPSC और JSSC की कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच आने वाले दिनों में और आगे बढ़ सकती है।

फिलहाल 31 गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसी का फोकस कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने लाने और परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल पर है।

 

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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