सुदिव्य सोनू का आखिरी वादा: मृत्यु से कुछ घंटे पहले ही बच्चों से किया था एक वादा, आखिरी कार्यक्रम में मंत्री सुदिव्य सोनू का किया वादा रह गया अधूरा…
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू निधन से कुछ घंटे पहले गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में पहुंचे थे। बच्चों से कंप्यूटर देने का वादा किया था।

गिरिडीह: झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर ने गिरिडीह समेत पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। अब से कुछ देर बाद उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा। जिस अप्रत्याशित तरीके से उन्होंने अंतिम सांसें ली, उसने कई तरह के सवाल खड़े कर दिये हैं। दरअसल 5 सितंबर को मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू काफी सक्रिय थे।
खास बात यह है कि निधन से कुछ घंटे पहले तक वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे। शनिवार को गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया था. इस दौरान उन्होंने विद्यालय, शिक्षा और बच्चों के भविष्य को लेकर कई बातें कहीं और स्कूल में कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया था।शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि बच्चों के बीच दिया गया यह भरोसा उनके जीवन के आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रमों में से एक बन जाएगा.
बच्चों से किया था कंप्यूटर देने का वादा
इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह में सुदिव्य कुमार सोनू ने विद्यालय की उपलब्धियों की चर्चा की. उन्होंने कहा कि इस स्कूल ने शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाले विद्यार्थियों को तैयार किया है।उन्होंने स्कूल में कंप्यूटर सुविधा को लेकर भी भरोसा दिलाया. मंत्री ने कहा कि अगर विभाग की ओर से किसी स्कूल को कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो वह अपने विधायक मद से कंप्यूटर उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। उनका यह आश्वासन कार्यक्रम में मौजूद बच्चों और स्कूल परिवार के लिए उम्मीद की बात थी. लेकिन कुछ ही घंटे बाद आई उनके निधन की खबर ने पूरे कार्यक्रम की तस्वीर ही बदल दी।
आखिरी कार्यक्रम में शिक्षा पर ही रहा जोर
सुदिव्य सोनू ने अपने आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रमों में से एक में भी शिक्षा और बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता दी. उन्होंने स्कूल की 100 वर्षों की यात्रा को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यालय ने ऐसे विद्यार्थियों को तैयार किया है, जिन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़कर बेहतर समाज बनाने में योगदान दिया।एक मंत्री के तौर पर शिक्षा विभाग से जुड़ी जिम्मेदारियों के बीच उनका यह संबोधन उनके सार्वजनिक जीवन के अंतिम संदेशों में शामिल हो गया।
कुछ घंटे पहले तक थे सक्रिय
बताया जा रहा है कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में भी सुदिव्य सोनू ने हिस्सा लिया था. इसके बाद शनिवार को गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में वह मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे।कार्यक्रम में उनकी सक्रियता देखकर किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि इसके कुछ ही घंटे बाद उनके निधन की खबर सामने आएगी।
चार बड़े विभागों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड सरकार में नगर विकास एवं आवास विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. वह गिरिडीह विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए थे।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती थी और सरकार के कई महत्वपूर्ण मामलों में उनकी भूमिका अहम मानी जाती थी।
अब उनके निधन के बाद गिरिडीह के उस स्कूल का शताब्दी समारोह भी उनकी राजनीतिक यात्रा के आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रमों की याद के तौर पर लोगों के बीच चर्चा में है—जहां उन्होंने बच्चों के लिए कंप्यूटर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था, लेकिन उस वादे को पूरा होते देखने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं।









