रात में अचानक बिगड़ी तबीयत और फिर थम गई सांसें… झारखंड ने खोया अपना बड़ा राजनीतिक चेहरा, CM सोरेन बोले- ‘भाई जैसा साथ था’
56 साल की उम्र में मंत्री सुदिव्य कुमार का हार्ट अटैक से निधन, गिरिडीह में आज होगा अंतिम संस्कार; राज्य में दो दिन का राजकीय शोक

रांची। झारखंड की राजनीति से रविवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का देर रात हृदयाघात से निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों से लेकर समर्थकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
सुदिव्य कुमार के निधन की पुष्टि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। उनका अंतिम संस्कार रविवार दोपहर 3:30 बजे गिरिडीह जिले के उसरी नदी-हरसिंहरायडीह श्मशान घाट पर किया जाएगा।
दो दिन का राजकीय शोक, सोमवार को बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय
मंत्री के निधन के बाद झारखंड सरकार ने 6 और 7 सितंबर को दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राज्य में नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने वाली सरकारी इमारतों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा।
राजकीय शोक के दौरान किसी भी तरह के आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। वहीं, सोमवार 7 सितंबर को सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
कई महत्वपूर्ण विभागों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी
सुदिव्य कुमार राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा खेल एवं युवा कार्य जैसे विभागों के मंत्री थे।
वह गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक भी रहे। JMM में उनकी गिनती मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी और भरोसेमंद नेताओं में होती थी।
‘मेरे बड़े भाई जैसे थे…’ भावुक हुए हेमंत सोरेन
सुदिव्य कुमार के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने उन्हें अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि उनके जाने से उनकी जिंदगी में ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार उनके लिए सिर्फ वरिष्ठ सहयोगी या राजनीतिक साथी नहीं थे, बल्कि बड़े भाई की तरह थे। वह मुश्किल समय में मार्गदर्शन करने और मजबूती से साथ खड़े रहने वाले व्यक्ति थे।
सोरेन ने झारखंड आंदोलन के दिनों में सुदिव्य कुमार के योगदान को भी याद किया और कहा कि JMM के समर्पित सिपाही के तौर पर उन्होंने झारखंड की पहचान, अधिकार और गौरव की लड़ाई में अपना जीवन समर्पित किया।
अस्पताल में करीब 2:15 बजे पहुंचे थे मंत्री
गिरिडीह के मर्सी हॉस्पिटल के डॉक्टर शहजाद शेख के मुताबिक, सुदिव्य कुमार को अस्पताल करीब 2:15 बजे लाया गया था। डॉक्टर के अनुसार उन्हें लगभग दो घंटे से सीने में दर्द था।
अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने बताया कि ECG में हार्ट अटैक के संकेत मिले। उन्हें तत्काल इंट्यूबेट किया गया और इलाज शुरू किया गया। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गए।
डॉक्टरों की टीम ने CPR समेत तमाम जरूरी रिससिटेशन उपाय किए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और बाद में मृत घोषित कर दिया गया।
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
सुदिव्य कुमार के निधन पर झारखंड के राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने उन्हें कुशल जनप्रतिनिधि और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता बताया।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी उनके आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे राज्य के लिए ऐसी क्षति बताया जिसकी भरपाई मुश्किल है और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में शक्ति मिलने की कामना की।
कांग्रेस नेता और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी सुदिव्य कुमार के निधन को बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक क्षति बताया।
परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा
सुदिव्य कुमार अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। उनके निधन से JMM कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा शोक है। आज गिरिडीह में होने वाले अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होने की संभावना है।









