Sahibganj Flood: घरों के बाद कॉलेज हॉस्टल में घुसा बाढ़ का पानी, सांप-बिच्छुओं के डर से सहमे लोग; इन इलाकों में बिगड़े हालात
Sahibganj Flood: साहिबगंज में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। रिहायशी इलाकों में पानी भरने के बाद अब साहिबगंज कॉलेज के हॉस्टल तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कई वार्ड जलमग्न बताए जा रहे हैं, जबकि पानी के साथ सांप और बिच्छुओं के निकलने की खबर ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज शहर में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर के कई रिहायशी इलाकों में पानी घुसने के बाद अब बाढ़ का असर शिक्षण संस्थानों तक भी पहुंच गया है। साहिबगंज कॉलेज के पिछले हिस्से और हॉस्टल परिसर में पानी प्रवेश करने की बात सामने आई है। इससे हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की परेशानी बढ़ गई है।
कई वार्डों में घुसा बाढ़ का पानी
भाजपा नेता अमित सिंह के अनुसार, उनके आवास के आसपास के वार्ड 11, 13, 14, 17 और 18 में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इसके अलावा शहर के पश्चिमी हिस्से के तीन-चार अन्य वार्डों में भी जलभराव की स्थिति बताई जा रही है।
भारतीय कॉलोनी, महिला कॉलेज के आसपास का इलाका, पुरानी साहिबगंज और नया टोला भी प्रभावित बताए गए हैं। कई जगहों पर पानी जमा होने के कारण लोगों की सामान्य आवाजाही प्रभावित हो रही है।
कॉलेज हॉस्टल तक पहुंचा पानी, छात्रों की बढ़ी चिंता
बाढ़ का पानी साहिबगंज कॉलेज के पिछले हिस्से तक पहुंचने के बाद हॉस्टल में भी प्रवेश कर गया है। हॉस्टल में पानी भरने से छात्रों के सामने रहने के साथ-साथ भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
कॉलेज परिसर के आसपास जलभराव बढ़ने से छात्रों और स्थानीय लोगों की आवाजाही भी मुश्किल होने की आशंका है।
पानी के साथ सांप-बिच्छुओं का डर
बाढ़ के बीच सबसे बड़ी चिंता जहरीले जीव-जंतुओं को लेकर सामने आ रही है। प्रभावित इलाकों में पानी के साथ सांप और बिच्छुओं के निकलने की खबरों से लोग दहशत में हैं।
घरों, गलियों और आसपास के इलाकों में पानी जमा होने के कारण लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। ऐसे में प्रशासन के सामने जलनिकासी के साथ-साथ लोगों को जहरीले जीवों से सुरक्षित रखने की चुनौती भी बढ़ गई है।
राहत सामग्री और रेस्क्यू तेज करने की मांग
बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति को देखते हुए भाजपा नेता अमित सिंह ने जिला प्रशासन से राहत सामग्री तत्काल उपलब्ध कराने और रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने की मांग की है।
उनका कहना है कि जिन इलाकों में पानी घुस चुका है, वहां गरीब और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर राहत पहुंचाई जानी चाहिए।
बाढ़ प्रभावित स्कूलों को बंद करने की अपील
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बाढ़ प्रभावित सरकारी और निजी स्कूलों को एहतियातन बंद कराने की मांग भी की गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों की आवाजाही जोखिम भरी हो सकती है, ऐसे में स्थिति सामान्य होने तक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
प्रशासन के सामने बढ़ी बड़ी चुनौती
साहिबगंज में बाढ़ का पानी अब घरों से निकलकर कॉलेज हॉस्टल और अन्य संवेदनशील इलाकों तक पहुंचने की खबरों के बाद राहत और बचाव व्यवस्था पर लोगों की नजर है।
प्रभावित इलाकों में सुरक्षित आवागमन, जलनिकासी, राहत सामग्री और जहरीले जीवों से सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाना जरूरी हो गया है। आने वाले समय में पानी का स्तर और बढ़ता है या स्थिति में सुधार होता है, इस पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।









