JPSC-JSSC केस में CID का बड़ा एक्शन! 20 जेल में, 7 फरार… अब वारंट-कुर्की की तैयारी, पुराने मोबाइल खोलेंगे कई राज?

JPSC-JSSC Case: झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने कार्रवाई तेज कर दी है। JPSC मेधा घोटाला मामले में अब तक 20 आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि 7 आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी अब फरार आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की तैयारी में है। साथ ही पुराने मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों से भी जांच के अहम सिरों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कथित अनियमितता के मामलों में CID का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। JPSC मेधा घोटाला मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपितों की भूमिका और कथित नेटवर्क से जुड़े नए नाम सामने आ रहे हैं। अब तक 20 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि जांच में सामने आए 7 अन्य आरोपित फरार हैं।

CID की ओर से इनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि यदि फरार आरोपित जल्द जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं होते हैं, तो विशेष अदालत से गिरफ्तारी वारंट हासिल करने के साथ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।

पूछताछ के बाद सामने आए 7 नाम

CID थाना कांड संख्या 16/2026 की जांच में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। जांच के दौरान जिन सात फरार आरोपितों के नाम सामने आए हैं, उनमें रांची के नामकुम निवासी आदित्य पांडेय, टाटीसिलवे के पवन कुमार सिंह, पलामू के रविशंकर कुमार और संतोष कुमार सिंह, बोकारो के सानन्द प्रकाश, हजारीबाग के लालू कुमार यादव और गिरिडीह के सौरभ कुमार पांडेय शामिल हैं।

CID के मुताबिक, इन आरोपितों की तलाश में पिछले कुछ दिनों के दौरान कई स्थानों पर कार्रवाई की गई, लेकिन वे अपने ठिकानों पर नहीं मिले।

पेपर लीक से OMR और लेन-देन तक जांच

मामले की जांच का दायरा केवल प्रश्नपत्र लीक तक सीमित नहीं है। CID कथित प्रश्नपत्र लीक, OMR शीट में हेराफेरी, अवैध लेन-देन और सेटिंग के जरिए अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने जैसे आरोपों की भी जांच कर रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भूमिका थी या नहीं। कुछ प्रभावशाली लोगों से संभावित कनेक्शन के संकेतों की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है।

JSSC-CGL के पुराने मामले की भी खुली फाइल

JPSC मामले के साथ CID ने JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े पुराने मामले को भी नए सिरे से खंगालना शुरू किया है।

अक्टूबर 2025 में तैयार की गई केस डायरी में 12 महत्वपूर्ण और तकनीकी बिंदुओं पर आगे जांच की जरूरत बताई गई थी। अब CID इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

पुराने मोबाइल से निकाला जा रहा फोरेंसिक डेटा

जांच में डिजिटल सबूतों को खास महत्व दिया जा रहा है। पहले जब्त किए गए मोबाइल फोन से फोरेंसिक डेटा निकालकर जांच की जा रही है। एजेंसी पुराने डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों को भी खंगाल रही है, ताकि कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

इसके अलावा आरोपित विनय शाह और अनीश कुमार के आधार कार्ड के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि उनके नाम पर कोई अतिरिक्त सिम कार्ड तो जारी नहीं हुआ था।

परीक्षा से पहले छात्रों को अलग-अलग शहरों में ले जाने का दावा

FIR और गवाहों के बयानों के आधार पर CID उन दावों की भी जांच कर रही है, जिनमें परीक्षा से दो-तीन दिन पहले कुछ छात्रों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर कथित तौर पर प्रश्न और उत्तर याद कराने की बात कही गई है।

जांच में आसनसोल के सिंधी होटल, नियामतपुर के विवाह भवन के अलावा मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू जैसे स्थानों का भी उल्लेख सामने आया है। CID इन स्थानों का भौतिक सत्यापन कर रही है और वहां की गतिविधियों से जुड़े तथ्यों को जांच के दायरे में लिया गया है।

7 फरार आरोपितों पर अब कार्रवाई की नजर

20 आरोपितों के जेल जाने के बाद अब CID का अगला फोकस फरार सात आरोपितों की गिरफ्तारी पर है। यदि वे जांच में सहयोग के लिए सामने नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

वहीं, पुराने डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन, केस रिकॉर्ड और कथित परीक्षा नेटवर्क से जुड़े विभिन्न ठिकानों की जांच से आने वाले दिनों में कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

हालांकि परीक्षा में गड़बड़ी और आरोपितों की भूमिका से जुड़े सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष CID की जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगा।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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