JSSC-CGL मामले में CID की बड़ी कार्रवाई, पलामू से कुंदन कुमार गिरफ्तार; अब तक 8 आरोपी दबोचे गए

रांची: परीक्षा गड़बड़ी को लेकर जांच एजेंसी को हर दिन नयी कड़ियां मिल रही है। कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (JSSC-CGL) की गड़बड़ी मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। CID ने पलामू जिले से एक और आरोपी कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। कुंदन कुमार पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
ये गिरफ्तारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी से कुछ बड़ी जानकारियां मिल सकती है।कुंदन की गिरफ्तारी के साथ ही JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ हो गई है। CID की जांच में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की लगातार पड़ताल की जा रही है।
CID की प्रेस विज्ञप्ति में दी जानकारी
गिरफ्तारी को लेकर अपराध अनुसंधान विभाग की ओर से मीडिया से जानकारी साझा की गयी है। जानकारी के मुताबिक, JSSC-CGL प्रतियोगिता परीक्षा के संबंध में दर्ज CID थाना कांड संख्या 01/2025 की जांच के दौरान कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि CID के मुताबिक, गिरफ्तार कुंदन कुमार रामलाल राम का पुत्र है और वह ग्राम डुमरी, पोस्ट नमोदाग, थाना नौडीहा बाजार, जिला पलामू का निवासी है। जांच एजेंसी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसी दौरान संदिग्धों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
JSSC-CGL मामले में अब तक 8 गिरफ्तारियां
JSSC-CGL परीक्षा को लेकर कथित पेपर लीक, अनियमितता और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों की जांच पहले से चल रही है। CID की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले से जुड़े नए नाम और संदिग्ध भूमिकाएं सामने आने के बाद कार्रवाई भी तेज होती जा रही है।कुंदन कुमार की गिरफ्तारी को भी इसी जांच की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से संबंधित कथित गड़बड़ी में किन लोगों की भूमिका रही और पूरी प्रक्रिया में किस स्तर पर अनियमितता हुई।
JPSC-JSSC मामलों में 32 आरोपियों की गिरफ्तारी
दरअसल JPSC और JSSC से जुड़े विभिन्न मामलों में अब तक कुल 32 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें JPSC से जुड़े मामलों में 24 और JSSC-CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में 8 गिरफ्तारियां अब तक की जा चुकी है। जांच एजेंसी की कार्रवाई अभी जारी है। CID की ओर से 200 से अधिक संदिग्धों और परीक्षा से जुड़े लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा कुछ अन्य संदिग्ध आरोपियों की तलाश में छापेमारी भी की जा रही है।
आयोग से लेकर बिचौलियों तक जांच का दायरा
JSSC-CGL मामले की जांच अब केवल परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है। CID परीक्षा कराने वाली एजेंसियों, आयोग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों, बिचौलियों तथा कथित तौर पर पैसे देकर परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पूछताछ के दौरान सामने आ रही जानकारियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित तौर पर सेंध किस स्तर पर लगी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।CID की आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
जानिये क्या है सीजीएल विवाद
दरअसल सीजीएल परीक्षा के दौरान ही गड़बड़ियों को लेकर शिकायत की गयी थी। हालांकि उन शिकायतों पर ज्यादा गौर नहीं किया गया, लेकिन उसके बाद पिछले दिनों राजधानी रांची में परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर बड़ा प्रदर्शन हुआ। जिसके बाद राज्य सरकार ने परीक्षा को रद्द कर दिया, तो वहीं सीआईडी जांच भी तेज की गयी, जिसके बाद लगातार कार्रवाईयां हो रही है।









