JPSC-JSSC विवाद पर BJP का बड़ा दांव! 8 सितंबर से सड़कों पर उतरेगी पार्टी, 24 जिलों में घेराव की तैयारी
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भाजपा ने खोला मोर्चा, चार दिनों में पूरे झारखंड में होगा चरणबद्ध प्रदर्शन

रांची। झारखंड में JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब एक बार फिर सियासी रंग लेने लगा है। छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। 8 सितंबर से शुरू होने वाला यह आंदोलन 11 सितंबर तक चलेगा और इस दौरान प्रदेश के सभी 24 जिलों में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे।
पहले दिन इन 6 जिलों में होगा बड़ा प्रदर्शन
भाजपा के राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत 8 सितंबर को होगी। पहले दिन रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा में डीसी और एसपी कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता इन प्रदर्शनों की कमान संभालेंगे।
रांची में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। वहीं दुमका में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, हजारीबाग में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, जमशेदपुर में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और गढ़वा में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे।
भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर अलग-अलग जिलों में वरिष्ठ नेताओं को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
11 सितंबर तक पूरे झारखंड में आंदोलन
भाजपा ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आयोजित करने की रणनीति बनाई है। चार दिनों में राज्य के सभी 24 जिलों में प्रदर्शन किया जाएगा।
8 सितंबर: रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा
9 सितंबर: कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा
10 सितंबर: सरायकेला, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा
11 सितंबर: रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा
छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
भाजपा का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पार्टी इन मुकदमों को वापस लेने की मांग कर रही है।
भाजपा का कहना है कि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसी मांग को लेकर पार्टी ने राज्यव्यापी आंदोलन का फैसला लिया है।
आगे भी जारी रह सकता है आंदोलन
भाजपा ने संकेत दिया है कि यह आंदोलन महज चार दिनों तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर आगे भी कायम रहने की बात कह रही है। ऐसे में 8 सितंबर से शुरू होने वाला यह प्रदर्शन झारखंड की राजनीति में कितना बड़ा असर डालता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।









