सुबह-सुबह शौच के लिए घर से निकले बुजुर्ग… झाड़ियों में पहले से मौजूद था मौत का खतरा, हाथी ने कुचलकर ले ली जान
गुमला के भरनो में सुबह करीब 5 बजे हुआ दर्दनाक हादसा, जंगली हाथी के हमले में 65 वर्षीय शनि उरांव की मौके पर ही मौत; गांव में पसरा दहशत का माहौल।

गुमला। झारखंड के गुमला जिले के भरनो प्रखंड में बुधवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। शौच के लिए घर से बाहर निकले 65 वर्षीय बुजुर्ग ग्रामीण पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना मारासिली पंचायत के महूगांव टंगरा टोली में सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान 65 वर्षीय शनि उरांव के रूप में हुई है।
झाड़ियों की ओर गए थे शनि उरांव, तभी सामने आ गया हाथी
जानकारी के अनुसार, शनि उरांव रोज की तरह बुधवार सुबह शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। वह गांव से कुछ दूरी पर झाड़ियों की ओर गए थे। इसी दौरान उनका सामना वहां मौजूद जंगली हाथी से हो गया।
बताया जा रहा है कि अचानक सामने आए हाथी को देखकर बुजुर्ग को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हाथी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और कुचल दिया। गंभीर चोटों के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद गांव में मचा हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बुजुर्ग की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक पहुंचने से ग्रामीणों के बीच हमेशा खतरा बना रहता है।
हाथियों को भगाने की कोशिश भी पड़ सकती है भारी
ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार लोग हाथियों को देखने या उन्हें भगाने के लिए उनके काफी करीब चले जाते हैं। ऐसी स्थिति में हाथी खतरा महसूस करने पर आक्रामक हो सकते हैं। इससे जान-माल के नुकसान का खतरा और बढ़ जाता है।
वन्य हाथियों की मौजूदगी वाले इलाकों में लोगों से विशेष सावधानी बरतने और हाथियों के करीब नहीं जाने की अपील की जाती रही है।
वन विभाग से निगरानी और मुआवजे की मांग
घटना की सूचना वन विभाग और प्रशासन को दे दी गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इलाके में हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जाए।
इसके अलावा आबादी वाले इलाकों में हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और मृतक के परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग भी ग्रामीणों ने की है।
फिलहाल इस घटना के बाद महूगांव टंगरा टोली समेत आसपास के इलाकों में हाथियों को लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।








