मोबाइल में छिपा था साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का राज! पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा, जब्त फोन से खुल सकते हैं कई बड़े राज
बड़ाबाजार थाना पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप, सभी आरोपी बिहार के रहने वाले; मोबाइल की कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू

हजारीबाग। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच हजारीबाग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बड़ाबाजार थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड से जुड़े एक मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
अब पुलिस की नजर जब्त किए गए मोबाइल पर है। इन डिवाइस की जांच के जरिए साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क, संपर्कों और संभावित अन्य मामलों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पूछताछ में खुल सकते हैं नेटवर्क से जुड़े कई राज
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि साइबर ठगी के इस मामले में आरोपियों के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
इसके अलावा आरोपियों के किन लोगों से संपर्क थे और साइबर अपराध को किस तरीके से अंजाम दिया जाता था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जब्त मोबाइल की तकनीकी जांच शुरू
गिरफ्तारी के दौरान बरामद मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। इन मोबाइल में मौजूद कॉल डिटेल, संपर्क नंबर, डिजिटल गतिविधियों और अन्य उपलब्ध जानकारी की तकनीकी जांच की जा रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल फोन की जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद साइबर ठगी से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा आगे बढ़ाया जा सकता है।
पांचों आरोपी बिहार के रहने वाले
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं। अब पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और साइबर अपराध से जुड़े संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
मोबाइल से सामने आएगी साइबर नेटवर्क की तस्वीर?
पुलिस की जांच का अहम हिस्सा जब्त मोबाइल फोन की तकनीकी जांच है। इन डिवाइस से मिले डेटा और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके तार किन-किन लोगों तक जुड़े हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही मामले में शामिल अन्य संदिग्धों और साइबर ठगी से जुड़े संभावित मामलों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।









