JSSC CGL केस में अचानक बढ़ा जांच का दायरा! आयोग के अधिवक्ता को CID का नोटिस, अभय तिवारी की पत्नी-भाई की जमानत पर फैसला सुरक्षित

सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी की जमानत पर कोर्ट ने आदेश रखा सुरक्षित, JPSC केस में पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को भी अदालत से झटका

रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच के बीच JSSC CGL मामले में जांच का दायरा और बढ़ता दिखाई दे रहा है। सीआईडी की एसआईटी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के अधिवक्ता संजय पिपरवाल को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। दूसरी ओर, मामले में आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया।

JSSC के अधिवक्ता को क्यों बुलाया गया?

एसआईटी की जांच अब परीक्षा से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं तक भी पहुंच रही है। संजय पिपरवाल से परीक्षा मामले से जुड़े दस्तावेजों, आयोग की ओर से अदालत में रखे गए पक्ष और मामले के दौरान लिए गए फैसलों से संबंधित जानकारी ली जा सकती है।

जांच टीम परीक्षा प्रक्रिया के दौरान आयोग, परीक्षा एजेंसी और अन्य संबंधित पक्षों के बीच हुए पत्राचार और फैसलों की भी पड़ताल कर रही है। एसआईटी इससे पहले भी मामले से जुड़े अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

अभय तिवारी की पत्नी और भाई की जमानत पर फैसला सुरक्षित

JSSC CGL भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी की जमानत याचिका पर अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। इससे पहले दोनों की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने केस डायरी भी तलब की थी।

JPSC मामले में श्वेता गुप्ता की जमानत खारिज

इधर, JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता को अदालत से राहत नहीं मिली। रांची की विशेष CID अदालत ने मंगलवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

इससे पहले दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने 11 सितंबर को आदेश सुरक्षित रखा था। अब अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया है।

JPSC जांच में कई आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

JPSC मामले की जांच में सीआईडी ने पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते और श्वेता गुप्ता समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी की ओर से अदालत में विस्तृत केस डायरी भी पेश की गई है। मामले में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच जारी है।

दोनों मामलों में जांच और अदालत की कार्रवाई जारी

JSSC CGL और JPSC से जुड़े मामलों में एक तरफ सीआईडी की जांच आगे बढ़ रही है, तो दूसरी ओर आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अदालत में सुनवाई हो रही है। JSSC मामले में आयोग के अधिवक्ता को पूछताछ के लिए बुलाया जाना और आरोपियों की जमानत पर आदेश सुरक्षित होना जांच के अगले चरण की ओर इशारा करता है।

अब जांच एजेंसी की पूछताछ और जब्त दस्तावेजों/डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल से इन मामलों में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर नजर बनी हुई है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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