रामगढ़ में एक साथ 8 स्मारकों का अनावरण, 100 फीट ऊंचे तिरंगे से बढ़ा शहर का गौरव, जन चेतना अभियान भी शुरू

Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ शहर में शनिवार को ऐतिहासिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और नागरिक जागरूकता को समर्पित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। रामगढ़ छावनी परिषद की ओर से शहर के अलग-अलग सार्वजनिक स्थलों पर आठ स्मारकों का अनावरण किया गया। इसके साथ ही कई विकास कार्यों का उद्घाटन और जन चेतना अभियान का शुभारंभ भी हुआ। कार्यक्रम में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल मुख्य अतिथि और रामगढ़ की विधायक ममता देवी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
छावनी परिषद के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में शहर में उत्सव जैसा माहौल रहा। इन आयोजनों के जरिए ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के साथ नागरिकों में स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
कारगिल विजय से दांडी यात्रा तक, स्मारकों के जरिए इतिहास को सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे नईसराय स्थित पुलिस पोस्ट के पास कारगिल विजय स्मारक के अनावरण से हुई। यह स्मारक कारगिल युद्ध में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को समर्पित है।
इसके बाद गांधी चौक स्थित संकट मोचन मंदिर के पास दांडी यात्रा स्मारक का अनावरण किया गया। यह स्मारक स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण अध्याय और महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुए दांडी मार्च की याद दिलाता है।
सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर सुभाष चौक का नए स्वरूप में उद्घाटन किया गया। इसके बाद लघु सिंचाई विभाग के सामने सूर्य नमस्कार प्रतिमा और रामगढ़ रेलवे स्टेशन चौक पर अशोक स्तंभ का अनावरण किया गया।
100 फीट ऊंचे तिरंगे से बढ़ा राष्ट्रीय गौरव
कार्यक्रम के दौरान फुटबॉल मैदान के समीप 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण किया गया। विशाल तिरंगे ने आयोजन के राष्ट्रीय गौरव से जुड़े संदेश को और खास बनाया।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्मारकों की स्थापना और सार्वजनिक स्थलों के विकास को रामगढ़ की ऐतिहासिक पहचान को सामने लाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। इन स्थलों के माध्यम से स्थानीय लोगों और यहां आने वाले लोगों को देश के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
सुभाष चंद्र बोस क्रीड़ा स्थल पर जन चेतना अभियान का शुभारंभ
स्मारकों के अनावरण के बाद मुख्य समारोह सुभाष चंद्र बोस क्रीड़ा स्थल पर आयोजित किया गया। यहां जन चेतना अभियान की शुरुआत की गई। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता, इतिहास और अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।
इस मौके पर ‘वेस्ट टू आर्ट’ यानी बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से कलात्मक सामग्री तैयार करने की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके जरिए कचरे के दोबारा उपयोग और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
विरासत के संरक्षण के साथ नागरिक जिम्मेदारी पर जोर
रामगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में ऐतिहासिक स्मारकों के अनावरण से लेकर जन चेतना अभियान तक कई पहल एक साथ देखने को मिलीं। एक ओर स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े प्रतीकों को सम्मान दिया गया, वहीं दूसरी ओर स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की गई।
इन पहलों का उद्देश्य शहर के सार्वजनिक स्थलों को नई पहचान देने के साथ लोगों को अपनी ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक दायित्वों से जोड़ना है।









