धनबाद नगर निगम में कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, 25 मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे मजदूर, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

Dhanbad News: धनबाद नगर निगम में कर्मचारियों और मजदूरों का गुस्सा शनिवार को खुलकर सामने आया। लंबित मांगों को लेकर निगम मुख्यालय परिसर में धनबाद नगर निगम कर्मचारी यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बोनस में बढ़ोतरी, वेतन सुधार, सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान, पीएफ जमा करने और कर्मचारियों की सुरक्षा समेत 25 सूत्री मांगें उठाईं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कर्मचारियों को डराने-धमकाने के आरोप, निगम अधिकारी ने किया खारिज

धरना-प्रदर्शन के दौरान यूनियन और नगर निगम प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए। यूनियन के वरिष्ठ नेता अंजनी सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दूर-दराज से आ रहे सफाई कर्मचारियों को डराया-धमकाया गया। उनका दावा है कि कुछ मजदूरों को नौकरी से हटाने और वेतन काटने की धमकी दी गई।

वहीं, नगर निगम अधिकारी अनिल कुमार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को डराने-धमकाने जैसी कोई बात नहीं थी। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को केवल कार्यालय के मुख्य द्वार से हटाया जा रहा था, ताकि वहां से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी न हो। इस मामले में यूनियन और निगम प्रशासन के पक्ष अलग-अलग हैं।

बैंक मोड़ हादसे में घायल मजदूर के इलाज और आर्थिक सहायता की मांग

धरने के दौरान मजदूरों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन नेताओं ने 23 अक्टूबर को धनबाद के बैंक मोड़ क्षेत्र में हुए हादसे का जिक्र किया। उनके मुताबिक, डिवाइडर की सफाई के दौरान एक मजदूर तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया था। हादसे में उसकी कमर की हड्डी गंभीर रूप से टूट गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

यूनियन ने घायल मजदूर को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग की। संगठन का कहना है कि सफाई जैसे जोखिम भरे काम में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में उन्हें इलाज और आर्थिक मदद के लिए परेशान न होना पड़े।

इसके साथ ही सभी पात्र कर्मचारियों का जल्द से जल्द ईएसआई यानी कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत पंजीकरण कराने की मांग भी उठाई गई। यूनियन का कहना है कि ईएसआई पंजीकरण होने से कर्मचारियों को बीमारी या कार्यस्थल पर दुर्घटना की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा मिल सकेगी।

बोनस, वेतन और एरियर समेत 25 सूत्री मांगें

धनबाद नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने अपनी 25 सूत्री मांगों में कर्मचारियों के आर्थिक हितों और सेवा संबंधी समस्याओं को शामिल किया है। यूनियन ने बोनस में बढ़ोतरी और स्थायी कर्मचारियों के साथ अस्थायी तथा आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन में सुधार की मांग की है।

इसके अलावा सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान और नियमानुसार एसीपी का लाभ देने की मांग भी रखी गई है। कर्मचारियों की मांग है कि उनके भविष्य निधि यानी पीएफ की राशि समय पर जमा की जाए और हर महीने वेतन पर्ची जारी करना अनिवार्य किया जाए, ताकि उन्हें अपने वेतन और कटौती की पूरी जानकारी मिल सके।

यूनियन ने कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से काम से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली की मांग भी उठाई। साथ ही सफाई कार्यों में जारी कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और कर्मचारियों से जुड़ी अन्य लंबित समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।

मजदूरों के हक और सम्मान के लिए जारी रहेगा संघर्ष

यूनियन अध्यक्ष अंजनी सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि मजदूरों के हक, सम्मान और सुरक्षा के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

यूनियन ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन नगर आयुक्त, महापौर और श्रम विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है। अब निगाहें नगर निगम प्रशासन पर हैं कि वह कर्मचारियों की 25 सूत्री मांगों पर क्या रुख अपनाता है और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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