300 करोड़ की कथित ठगी का बड़ा मामला, भिलाई BJP के पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल झारखंड से गिरफ्तार, 13 महीने से चल रहा था फरार
गुजरात, पश्चिम बंगाल और झारखंड में कारोबार के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप, कोलकाता पुलिस ने थाने के बाहर से पकड़ा, परिवार के कई सदस्य भी मामले में नामजद

रायपुर। कारोबार के नाम पर 300 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में भिलाई जिला भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल को कोलकाता पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब 13 महीने से फरार बताया जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में गुजरात, पश्चिम बंगाल और झारखंड समेत कई राज्यों में जांच और तलाश की कार्रवाई चल रही थी।
जानकारी के मुताबिक, संदीप अग्रवाल झारखंड के एक थाने में सरेंडर करने पहुंचा था। इसी दौरान कोलकाता पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और थाने के बाहर से ही उसे पकड़ लिया। आरोप है कि संदीप और उसके परिजनों ने कारोबार की आड़ में अपने साथियों के साथ मिलकर 300 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का गबन किया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
कई राज्यों में तलाश कर रही थी पुलिस
आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसकी तलाश में अहमदाबाद, गांधीधाम, भुवनेश्वर, रायपुर, भिलाई और कोलकाता समेत कई स्थानों पर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही थी। अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों के चलते पुलिस की कार्रवाई कई क्षेत्रों तक फैली हुई थी।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संदीप अग्रवाल भिलाई में खुद को भाजपा नेता बताकर अपना प्रभाव जमाता था। उनका दावा है कि वह कथित तौर पर राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बचने की कोशिश करता था। ये आरोप शिकायतकर्ताओं के दावों पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।
गुजरात के मामले में पहले से जमानत पर था आरोपी
बताया गया है कि संदीप अग्रवाल गुजरात के डीसीबी थाने से जुड़े एक मामले में पहले से जमानत पर था। इस मामले में पुलिस अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। वहीं, झारखंड पुलिस ने भी अदालत के आदेश के बाद उसके आवास पर नोटिस चस्पा किया था।
पुलिस की कार्रवाई के बीच आरोपी की गिरफ्तारी को इस मामले की जांच में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियां कथित लेनदेन, संबंधित लोगों की भूमिका और रकम के प्रवाह से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर सकती हैं।
परिवार के अन्य सदस्य भी मामले में नामजद
इस कथित धोखाधड़ी मामले में संदीप अग्रवाल के परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं। उसके बड़े भाई संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल भी मामलों में नामजद अभियुक्त बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के खिलाफ पहले लुक आउट सर्कुलर यानी एलओसी जारी किया गया था।
बताया गया है कि संजय और सचिन गांधीधाम तथा धनबाद की जेलों में करीब 13 महीने रहने के बाद हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर बाहर आए हैं। संजय अग्रवाल की पत्नी राखी का नाम भी सह अभियुक्त के रूप में बताया गया है। वह धनबाद जेल में करीब दो महीने रहने के बाद जमानत पर रिहा हुई थीं।
फिलहाल, 300 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के इस मामले में संदीप अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा महत्वपूर्ण होगी। पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि कथित कारोबार में किन लोगों की क्या भूमिका रही और शिकायतकर्ताओं की रकम से जुड़े आरोपों में कौन से तथ्य प्रमाणित होते हैं।









