महंगाई को लेकर खरगे का मोदी सरकार पर हमला, बोले अच्छे दिन के इंतजार में बीत गए 12 साल

कांग्रेस अध्यक्ष ने त्योहारों के बीच बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा, खाद्य महंगाई, घरेलू कर्ज और बचत के आंकड़े गिनाकर उठाए सवाल

नई दिल्ली। महंगाई को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहारों के बीच बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है। खरगे ने कहा कि सरकार ने अच्छे दिन लाने का वादा किया था, लेकिन जनता को अब भी राहत का इंतजार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अच्छे दिन की उम्मीद में लोगों के 12 साल बीत गए।

खरगे ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से आम लोगों के लिए रोजमर्रा का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। अपने बयान में उन्होंने वोट देने के अधिकार और जीवन जीने के अधिकार का जिक्र करते हुए भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

खाद्य महंगाई और घरेलू खर्च को लेकर उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष ने महंगाई से जुड़े कई आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि खाद्य महंगाई दर 2.13 प्रतिशत से बढ़कर 7.74 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने घरेलू कर्ज में 36.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी और घरेलू वित्तीय बचत में 4 प्रतिशत की गिरावट का भी उल्लेख किया।

खरगे ने खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत और थोक महंगाई दर 11.39 प्रतिशत होने का हवाला देते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत और खाद्य महंगाई दर 7.74 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इसी महीने थोक महंगाई दर 11.39 प्रतिशत रही।

इन आंकड़ों के जरिए खरगे ने आरोप लगाया कि महंगाई का असर आम परिवारों की आय और बचत पर पड़ रहा है। हालांकि, घरेलू कर्ज और वित्तीय बचत से जुड़े आंकड़ों का आकलन करते समय उनकी अवधि और संबंधित स्रोत को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

2014 से पहले के नारे की दिलाई याद

खरगे ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी के वर्ष 2014 से पहले के महंगाई संबंधी चुनावी नारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी पुरानी बातों पर फिर गौर करना चाहिए। उन्होंने उस समय के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता को महंगाई से राहत देने का वादा किया गया था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लंबे समय बाद भी आम लोगों को जरूरी वस्तुओं की कीमतों से राहत नहीं मिली है। उनके मुताबिक, त्योहारों के दौरान बढ़ता खर्च परिवारों की आर्थिक परेशानियों को और बढ़ा देता है।

महंगाई के मुद्दे पर सियासी टकराव तेज

महंगाई का मुद्दा केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस का अहम विषय बना हुआ है। कांग्रेस लगातार जरूरी वस्तुओं की कीमतों, घरेलू खर्च और आम लोगों की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाती रही है। वहीं, महंगाई के अलग-अलग आंकड़े खाद्य वस्तुओं, ईंधन और अन्य खर्चों में होने वाले बदलावों से प्रभावित होते हैं।

खरगे के ताजा बयान ने एक बार फिर महंगाई और आम परिवारों के बजट को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उनके आरोपों के बीच सितंबर के सरकारी आंकड़ों में खाद्य और खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हालांकि, महंगाई के कारणों और सरकार की नीतियों के प्रभाव का आकलन करने के लिए अलग-अलग आर्थिक संकेतकों और उनकी समयावधि को साथ देखकर समझना जरूरी है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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