झोले में नवजात बच्ची को लेकर सुनसान जगह पहुंची महिला, ग्रामीणों ने पकड़ा; मुखिया प्रतिनिधि ने बचाई मासूम की जान
पलामू के मनहू गांव के पास शुक्रवार रात की घटना, बच्ची को झोले में रखकर दोहर में फेंकने ले जाने का आरोप; ग्रामीणों की सतर्कता से समय रहते अस्पताल पहुंचाई गई नवजात

छतरपुर (पलामू)। झारखंड के पलामू जिले से नवजात बच्ची को कथित तौर पर फेंकने की कोशिश का मामला सामने आया है। छतरपुर थाना क्षेत्र के मनहू गांव के पास शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे एक महिला नवजात बच्ची को झोले में लेकर सुनसान जगह पहुंची थी। आरोप है कि महिला बच्ची को वहां फेंकने की तैयारी में थी। इसी दौरान ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को पकड़ लिया और बच्ची को सुरक्षित बचा लिया।
जानकारी के अनुसार, छतरपुर नगर पंचायत की रहने वाली अंजू देवी (40 वर्ष), पति रवींद्र उरांव ने शुक्रवार रात एक बच्ची को जन्म दिया था। आरोप है कि बच्ची के जन्म के बाद वह उसे झोले में रखकर घर से करीब चार किलोमीटर दूर देवी मंदिर के पास स्थित एक दोहर में फेंकने पहुंची थी। इसी दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ। महिला ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया।
मुखिया प्रतिनिधि ने कपड़े में लपेटकर अस्पताल पहुंचाई बच्ची
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने मुखिया प्रतिनिधि जहीर अंसारी को सूचना दी। वे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने नवजात बच्ची को झोले से निकालकर अपने कपड़े में लपेटा और बिना देर किए छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया।
फिलहाल अस्पताल में जच्चा और बच्चा दोनों का इलाज चल रहा है। समय रहते बच्ची को अस्पताल पहुंचाए जाने से उसे जरूरी चिकित्सा सहायता मिल सकी। घटना के बाद गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चा है।
महिला ने बच्ची को फेंकने की कोशिश क्यों की? पुलिस कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला नवजात बच्ची को सुनसान जगह पर क्यों लेकर गई थी और उसे फेंकने के पीछे क्या वजह थी।
फिलहाल महिला के इरादे और घटना की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस जच्चा और बच्चा की स्थिति के साथ-साथ मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।









