Jharkhand Assistant Teacher Result: संशोधित रिजल्ट ने बढ़ाई पुराने शिक्षकों की चिंता, 1265 अभ्यर्थी सफल; नई सूची से बाहर हुए तो क्या जाएगी नौकरी?
JSSC ने कक्षा 6 से 8 के भाषा शिक्षक पदों का संशोधित परिणाम जारी कर पुरानी सूची निरस्त कर दी है। नई सूची में 1265 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है, जबकि पुराने रिजल्ट के आधार पर नियुक्त होकर स्कूलों में पढ़ा रहे कुछ शिक्षकों का नाम बाहर है। अब उनकी सेवा को लेकर विभाग और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सबकी नजर है।

रांची। झारखंड में सहायक आचार्य भर्ती का संशोधित परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों के साथ-साथ पहले से नियुक्त शिक्षकों की चिंता भी बढ़ गई है। कक्षा 6 से 8 के भाषा शिक्षक पदों के लिए जारी नई सूची में 1265 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। वहीं, पुराने परिणाम के आधार पर नियुक्त होकर स्कूलों में पढ़ा रहे कुछ शिक्षकों का नाम संशोधित सूची में शामिल नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नई मेरिट लिस्ट का उनकी नौकरी और भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।
पुराना परिणाम निरस्त, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी हुई नई सूची
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने मंगलवार को प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त परीक्षा-2023 के भाषा विषय का संशोधित परिणाम जारी किया। कक्षा 6 से 8 के भाषा शिक्षक पदों के लिए कुल 1265 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। आयोग ने इसके साथ ही पहले जारी भाषा विषय के परिणाम को निरस्त कर दिया है।
परिणाम में बदलाव का संबंध आरक्षण श्रेणी के अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट के आधार पर सामान्य श्रेणी में शामिल करने से जुड़े न्यायिक विवाद से है। सुप्रीम कोर्ट के 17 सितंबर 2026 के आदेश के अनुपालन में आयोग ने संशोधित परिणाम जारी किया है। इस बदलाव के बाद पहले की चयन सूची और नई सूची में अंतर सामने आया है।
पुराने रिजल्ट से नियुक्त शिक्षकों की नौकरी पर क्यों उठ रहे सवाल?
संशोधित परिणाम जारी होने के बाद भर्ती में दो तरह की स्थिति बन गई है। एक ओर नई सूची में सफल घोषित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है, वहीं दूसरी ओर उन शिक्षकों की स्थिति पर फैसला होना बाकी है, जो पुराने परिणाम के आधार पर नियुक्त होकर स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन संशोधित सूची में उनका नाम नहीं है।
भाषा विषय के पुराने परिणाम में 1100 से अधिक अभ्यर्थी सफल हुए थे और इनमें से कई शिक्षक वर्तमान में स्कूलों में कार्यरत हैं। फिलहाल पहले से नियुक्त और संशोधित परिणाम में सफल घोषित अभ्यर्थियों के काम जारी रखने की बात कही गई है। हालांकि, जिन शिक्षकों का नाम नई सूची में नहीं आया है, उनकी सेवा जारी रहेगी या नहीं, इस पर विभाग का अंतिम निर्णय अहम होगा।
रांची से सबसे ज्यादा 155 अभ्यर्थियों को मिली सफलता
जिलेवार परिणाम में रांची सबसे आगे रहा है। यहां से 155 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। इसके बाद पलामू के 130 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। अन्य जिलों में हजारीबाग से 66, गढ़वा से 65, बोकारो और देवघर से 64-64, चतरा से 62, गोड्डा से 59, धनबाद से 58, सरायकेला-खरसावां से 56 और गुमला से 55 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।
शेष जिलों के अभ्यर्थियों को मिलाकर सफल उम्मीदवारों की कुल संख्या 1265 हो गई है। आयोग के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम न्यायालय में लंबित मामलों, रिक्तियों से जुड़े विवाद और अनिवार्य प्रमाण पत्र या दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण रोका गया है।
सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका पर सुनवाई, फैसले का इंतजार
संशोधित परिणाम जारी होने के बाद भी सहायक आचार्य भर्ती का मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका पर सुनवाई निर्धारित है। तुलसी महतो और अनिल कुमार यादव की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूर्व में दिए गए आदेश का पूरी तरह पालन नहीं किया गया है।
पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और आयोग को चार सप्ताह के भीतर संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। वहीं, राज्य सरकार ने इसके लिए आठ सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था। अब बुधवार की सुनवाई में इस मांग और संशोधित परिणाम से जुड़े मुद्दों पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।
नई नियुक्तियों के साथ पुराने शिक्षकों का भविष्य भी दांव पर
संशोधित परिणाम के बाद अब सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं, पहले से नियुक्त और नई सूची में सफल घोषित शिक्षक फिलहाल अपने पदों पर काम करते रहेंगे। लेकिन पुराने परिणाम के आधार पर नियुक्त ऐसे शिक्षक, जिन्हें संशोधित सूची में जगह नहीं मिली है, उनकी सेवा को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
ऐसे में अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है। अदालत के आदेश और विभाग के फैसले से ही स्पष्ट होगा कि संशोधित परिणाम का पहले से कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा पर क्या असर पड़ेगा।









