अंकिता भंडारी केस में फिर भड़का सियासी तूफान! आधी रात के बाद माता-पिता को हिरासत में लेने पर राहुल गांधी का हमला, बोले- इंसाफ मिलने तक पीछे नहीं हटेगी कांग्रेस
इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से बैठे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे परिवार की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। पुलिस ने बाद में अंकिता के माता-पिता और कई कांग्रेस नेताओं को रिहा कर दिया।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने पर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ तब तक खड़ी रहेगी, जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता। राहुल गांधी के इस बयान के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि अंकिता भंडारी के माता-पिता को सुबह करीब चार बजे उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक बैठे थे। उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय की मांग कर रहे परिवार की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए। पुलिस ने अंकिता के माता-पिता के साथ कई कांग्रेस नेताओं को भी हिरासत में लिया था, हालांकि बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की थी मांग
राहुल गांधी के मुताबिक, अंकिता के माता-पिता की मांग थी कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त नहीं किया जाए। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि जांच पूरी होने से पहले ही नियुक्ति कर दी गई, जबकि सवाल उठाने वाले माता-पिता को रात के अंधेरे में हिरासत में ले लिया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि वह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा एक दिन पहले अंकिता के माता-पिता से मिले थे। उन्होंने पीड़ित परिवार की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई को दबाया नहीं जा सकता। उनके बयान के अनुसार, कांग्रेस इस मामले में परिवार के साथ खड़ी रहेगी।
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में सरकार पर पीड़ितों की आवाज दबाने और सवाल उठाने वालों को हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई न दबेगी और न रुकेगी। कांग्रेस नेता ने दोहराया कि उनकी पार्टी अंकिता के परिवार को न्याय मिलने तक साथ देती रहेगी।
हालांकि, राहुल गांधी के आरोपों और सरकार की ओर से इस मामले में दिए गए आधिकारिक पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है। हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष सामने आने पर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में 19 वर्षीय अंकिता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठी थी।
इस हत्याकांड में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराया था। तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बावजूद अंकिता के माता-पिता की ओर से सीबीआई जांच और अन्य मांगों को लेकर आवाज उठाई जा रही है। हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है।
परिवार को न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई, राहुल गांधी का ऐलान
अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लेने और बाद में रिहा किए जाने की घटना के बाद कांग्रेस ने परिवार के समर्थन में अपना रुख दोहराया है। राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी न्याय मिलने तक अंकिता के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। अब इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और सीबीआई जांच तथा नियुक्ति को लेकर उठे सवालों पर क्या स्थिति बनती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।









