झारखंड: किडनी मरीजों के लिए राज्य सरकार का बड़ा फैसला, अब डायलिसिस के लिए नहीं जाना दूर, 77 CHC में होगी सुविधा शुरू…
Jharkhand: State government's big decision for kidney patients, no need to travel far for dialysis, facility to be started in 77 CHCs...

किडनी मरीजों के लिए झारखंड में बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार ने इसे लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 77 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डायलिसिस सुविधा शुरू की जाएगी, साथ ही रांची में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खोलने की योजना भी बनाई गई है।
________________________________________
रांची। किडनी से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्तर पर डायलिसिस सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। इस पहल का उद्देश्य उन मरीजों को राहत पहुंचाना है, जिन्हें अब तक डायलिसिस के लिए दूर-दराज के अस्पतालों या निजी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य के कुल 77 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया गया है, जहां डायलिसिस सेवाएं शुरू की जाएंगी। यह केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं की संरचना में तीसरे स्तर पर आते हैं, जो मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों के बाद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन केंद्रों में सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा।
आपको बता दें कि झारखंड में सरकारी स्तर पर डायलिसिस केंद्रों की संख्या सीमित है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पतालों में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में डायलिसिस की सुविधा संचालित की जा रही है।
हालांकि, इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) वर्ग के मरीजों को ही मिल पाता है।इसके अलावा, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) और कुछ मेडिकल कॉलेजों में भी डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के मुकाबले ये सुविधाएं अपर्याप्त साबित हो रही हैं। यही कारण है कि अधिकांश मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जहां इलाज का खर्च काफी अधिक होता है।
नई योजना के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डायलिसिस यूनिट स्थापित करने का पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार स्वयं उठाएगी। हालांकि, इन केंद्रों का संचालन सरकार द्वारा सीधे किया जाएगा या पीपीपी मॉडल के तहत, इस पर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी रांची में किडनी मरीजों के लिए एक अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने की भी योजना बनाई है। प्रस्तावित इस अस्पताल में करीब 2,200 बेड की सुविधा होगी, जिससे न केवल झारखंड बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी उन्नत चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।









